जियो-बीपी और किया इंडिया ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग नेटवर्क को एकीकृत करने के लिए साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग के तहत दोनों कंपनियों के इलेक्ट्रिक वाहन ग्राहक अपने मौजूदा मोबाइल ऐप के जरिए अधिक चार्जिंग पॉइंट्स तक पहुंच सकेंगे। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के लिए सार्वजनिक चार्जिंग सुविधाओं को अधिक सुलभ बनाना है।
इस समझौते के तहत जियो-बीपी के 300 शहरों में 1,100 से अधिक साइट्स पर फैले 7,000 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स Kia India के MyKia ऐप में उपलब्ध K-Charge फीचर के जरिए इ किए जा सकेंगे। इससे Kia EV ग्राहकों के लिए इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध चार्जिंग पॉइंट्स की कुल संख्या 23,500 से अधिक हो जाएगी। वहीं, Kia के डीलरशिप पर लगे 125 DC फास्ट चार्जर्स को चरणबद्ध तरीके से जियो-बीपी के पल्स चार्ज प्रो ऐप पर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
दोनों कंपनियों के ऐप ग्राहकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर चार्जिंग से जुड़ी कई सुविधाएं प्रदान करेंगे। ग्राहक उपलब्ध चार्जर खोज सकेंगे, यात्रा के लिए रूट की योजना बना सकेंगे, चार्जिंग सेशन शुरू और मॉनिटर कर सकेंगे तथा डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। कंपनियों के अनुसार, भविष्य में Kia की डीलरशिप पर स्थापित अन्य चार्जर्स को भी जियो-बीपी के ऐप से जोड़ा जाएगा।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर जियो-बीपी के डीसी (DC) फास्ट चार्जर्स की क्षमता 60 kW से 480 kW तक है। कंपनी के अनुसार, उसके चार्जिंग नेटवर्क का अपटाइम 96% है। इसके कुछ चार्जिंग स्टेशन राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी स्थित हैं, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को सुविधा मिल सकती है। जियो-बीपी का pulse charge pro ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके चार्जर की उपलब्धता और नेटवर्क की स्थिति की रियल-टाइम जानकारी भी देता है।
जियो-बीपी, रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड (Jio-bp, Reliance BP Mobility Limited) का परिचालन ब्रांड है, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और बीपी (bp) का संयुक्त उद्यम है। कंपनी ईवी चार्जिंग के अलावा पारंपरिक ईंधन, कंप्रेस्ड बायोगैस, एविएशन फ्यूल और ऑन-डिमांड डीजल डिलीवरी जैसी सेवाएं भी प्रदान करती है। यह साझेदारी भारत में पब्लिक ईवी चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार के बीच हुई है। दोनों कंपनियों के मौजूदा चार्जिंग नेटवर्क को जोड़ने से ग्राहकों को ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स की जानकारी मिलेगी और बिना नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग बढ़ाने में मदद मिल सकती है।