किया इंडिया ने अपने पहले ‘मेड-इन-इंडिया’ इलेक्ट्रिक वाहन किया कैरेंस क्लैविस ईवी (Kia Carens Clavis EV) के लिए बैटरी-एज़-अ-सर्विस (BaaS) फाइनेंस प्रोग्राम लॉन्च किया है। कंपनी का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को बढ़ावा देना और ग्राहकों के लिए EV ओनरशिप को अधिक किफायती एवं आसान बनाना है।
कंपनी के अनुसार, भारत में सरकारी नीतियों और तेजी से बढ़ते चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण ईवी बाजार में मजबूत वृद्धि देखी जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए किया इंडिया ने 2025 में केरेंस क्लैविस ईवी (Carens Clavis EV) पेश की थी, जिसे डिजाइन, टेक्नोलॉजी और प्रैक्टिकलिटी के लिए ग्राहकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
नई BaaS फाइनेंस योजना के तहत वाहन के चेसिस और बैटरी के लिए अलग-अलग लोन अकाउंट बनाए जाएंगे, जिससे ग्राहकों को अधिक पारदर्शिता और वित्तीय लचीलापन मिलेगा। इस मॉडल के तहत Kia Carens Clavis EV की ओनरशिप ₹51,520 की शुरुआती लागत और ₹3.3 प्रति किलोमीटर के पारदर्शी बैटरी रीपेमेंट प्लान के साथ उपलब्ध होगी। इस योजना को आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank), कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) और बजाज फिनसर्व (Bajaj Finserv) जैसे प्रमुख वित्तीय संस्थानों का समर्थन प्राप्त है।
किया इंडिया के चीफ सेल्स ऑफिसर सनहैक पार्क ने कहा, “हमारे लिए सस्टेनेबिलिटी केवल इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा पूरा इकोसिस्टम बनाना है जो ईवी अपनाने को ग्राहकों के लिए आसान और व्यावहारिक बनाए। बैटरी-एज़-ए-सर्विस (Battery-as-a-Service) मॉडल ग्राहकों को कम शुरुआती लागत और अधिक वित्तीय लचीलापन प्रदान करता है, जो भारत में स्मार्ट और टिकाऊ मोबिलिटी के हमारे विजन के अनुरूप है।”
फाइनेंसिंग स्ट्रक्चर के तहत वाहन बॉडी के लिए अधिकतम 60 महीने और बैटरी के लिए 96 महीने तक की लोन अवधि उपलब्ध होगी। इसके अलावा Kia India ने अपने ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए MyKia ऐप पर K-Charge प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर में 15,000 से अधिक चार्जिंग पॉइंट्स की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। कंपनी के 100 से अधिक डीलरशिप डीसी फास्ट चार्जर्स से लैस हैं, जबकि 267 से ज्यादा ईवी-रेडी वर्कशॉप्स भी ग्राहकों को सपोर्ट प्रदान कर रही हैं।