सॉफ्टवेयर और डिजिटल इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस प्रदान करने वाली कंपनी PTC ने भारत को ऑटोमोबाइल सेक्टर, विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए एक प्रमुख विकास बाजार बताया है। कंपनी के इंडिया वाइस प्रेसिडेंट उपकार सैनी (Upkar Saini) के अनुसार, देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता और तेजी से तथा कम लागत में उत्पाद विकास की मांग कंपनी के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।
कंपनी के एक कार्यक्रम के दौरान सैनी ने कहा कि भारत वर्तमान में वाहन बिक्री के लिहाज से दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है और यहां विशेष रूप से पैसेंजर व्हीकल्स तथा एसयूवी सेगमेंट में ईवी अपनाने की काफी संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि भारत में ईवी अपनाने की दिशा में मजबूत वृद्धि देखने को मिल रही है, हालांकि चीन और पश्चिमी देशों की तुलना में अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।
उन्होंने बताया कि भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में ईवी अपनाने की रफ्तार तेज हुई है, जबकि पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट अभी भी बड़े अवसरों वाला क्षेत्र बना हुआ है। सैनी के अनुसार, ऑटोमोबाइल कंपनियां अब अलग-अलग विभागों में काम करने के बजाय इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस ऑपरेशंस को एकीकृत करने पर जोर दे रही हैं।
पीटीसी ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस एवं डिफेंस, इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग, मेड-टेक, इलेक्ट्रॉनिक्स और रिटेल जैसे क्षेत्रों के लिए प्रोडक्ट लाइफसाइकिल मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रदान करती है। कंपनी का दावा है कि वह वैश्विक स्तर पर Fortune 500 ऑटोमोटिव ओईएम में से 90% के साथ काम करती है।
सैनी ने कहा कि कंपनी की सबसे बड़ी विशेषता पूरे प्रोडक्ट लाइफसाइकिल में एकीकृत डेटा फाउंडेशन तैयार करना है, जिससे कंपनियां इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस कार्यों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ सकती हैं। इसके अलावा कंपनी ओपन आर्किटेक्चर सिस्टम, मल्टी-सीएडी (CAD) इंटरऑपरेबिलिटी और ऑर्गेनाइजेशनल चेंज मैनेजमेंट पर भी फोकस कर रही है ताकि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स को बेहतर समर्थन मिल सके।
मैसाचुसेट्स स्थित पीटीसी नैस्डैक (PTC NASDAQ) में सूचीबद्ध कंपनी है, जिसका बाजार पूंजीकरण लगभग 32 बिलियन डॉलर और वार्षिक राजस्व करीब 2.48 बिलियन डॉलर है। कंपनी के वैश्विक स्तर पर 7,500 से अधिक कर्मचारी हैं, जिनमें से लगभग 32% कर्मचारी भारत में कार्यरत हैं। पुणे में कंपनी का एक प्रमुख रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भी स्थित है।