काइनेटिक इंजीनियरिंग ने अपने मैन्युफैक्चरिंग कैपेक्स को फंड करने और इलेक्ट्रिक व्हीकल कारोबार के विस्तार में तेजी लाने के लिए करीब 57 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की घोषणा की है। इस निवेश के बाद कंपनी में प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी पिछले चार वर्षों में 50% से बढ़कर 69.27% हो गई है।
कंपनी की पूंजी आवंटन योजना के तहत करीब 17 करोड़ रुपये मैन्युफैक्चरिंग बेस में कैपेक्स के लिए लगाए जाएंगे। इस राशि का इस्तेमाल नए ड्राइवलाइन एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स को सपोर्ट करने के लिए किया जाएगा। यूरोप और मैक्सिको के लिए मिले इन लॉन्ग-टर्म एक्सपोर्ट ऑर्डर्स की कुल वैल्यू करीब 500 करोड़ रुपये है, जिसकी डिलीवरी सात वर्षों में की जाएगी।
बाकी 40 करोड़ रुपये Kinetic Engineering की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सब्सिडियरी Kinetic Watts and Volts में निवेश किए जाएंगे। इस राशि का उपयोग इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पोर्टफोलियो के प्रोडक्ट डेवलपमेंट, सप्लाई चेन को बढ़ाने और रिटेल नेटवर्क के विस्तार के लिए किया जाएगा।
काइनेटिक ने हाल ही में Kinetic DX और DX+ इलेक्ट्रिक स्कूटर्स पेश किए हैं। कंपनी के अनुसार, अपने रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए उसने देशभर में 150 से अधिक डीलर्स के साथ लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) साइन किए हैं। इनमें से 60 से अधिक टचपॉइंट्स फिलहाल ऑपरेशनल हैं, जहां सेल्स, सर्विस और स्पेयर पार्ट्स की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
काइनेटिक इंजीनियरिंग (Kinetic Engineering) के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अजिंक्य फिरोदिया (Ajinkya Firodia) ने कहा कि कंपनी अपने ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी दोनों कारोबारों में ग्रोथ के एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी क्षमता, टेक्नोलॉजी और रिटेल नेटवर्क में लगातार निवेश के जरिए दोनों कारोबारों को विस्तार देने और भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेगमेंट में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।