पुरानी EV बैटरियों से ग्रेफाइट रिकवर करेगी LICO

पुरानी EV बैटरियों से ग्रेफाइट रिकवर करेगी LICO

पुरानी EV बैटरियों से ग्रेफाइट रिकवर करेगी LICO
लिको मैटिरियल्स ने पुरानी लिथियम-आयन बैटरियों से ग्रेफाइट रिकवरी की प्रक्रिया विकसित की है, जिसे दोबारा बैटरी एनोड मैटिरियल बनाने में उपयोग किया जाएगा।

लिको मैटिरियल्स (LICO Materials) ने एंड-ऑफ-लाइफ लिथियम-आयन बैटरियों और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग स्क्रैप से ग्रेफाइट रिकवर करने की प्रक्रिया विकसित की है। कंपनी के अनुसार, वह भारत की पहली कंपनी है जो पुरानी बैटरियों और सेल मैन्युफैक्चरिंग स्क्रैप से ग्रेफाइट रिकवर कर Epsilon Advanced Materials (EAM) को सप्लाई करेगी। रिकवर किए गए ग्रेफाइट का इस्तेमाल ग्रेफाइट एनोड मटेरियल के लिए सेकेंडरी फीडस्टॉक के रूप में किया जाएगा।

लिथियम-आयन बैटरी के वजन में ग्रेफाइट की हिस्सेदारी करीब 20-30% होती है और यह बैटरी के एनोड के लिए एक प्रमुख मटेरियल है। वर्तमान में चीन वैश्विक ग्रेफाइट रिफाइनिंग में 90% से अधिक, माइनिंग में करीब 80% और एनोड एक्टिव मटेरियल उत्पादन में 90% से अधिक हिस्सेदारी रखता है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के अनुसार, 2035 में बैटरी-ग्रेड ग्रेफाइट की वैश्विक सप्लाई में चीन की हिस्सेदारी करीब 80% रह सकती है।

भारत में घरेलू बैटरी मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने के साथ ग्रेफाइट की मांग भी बढ़ने की उम्मीद है। मिनिस्ट्री ऑफ हेवी इंडस्ट्रीज के हवाले से दिए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत में लिथियम-आयन बैटरी की मांग 2030 तक 210 GWh तक पहुंच सकती है। इसके लिए हर साल अनुमानित 2 लाख से 2.3 लाख टन ग्रेफाइट एनोड मटेरियल की जरूरत होगी। ऐसे में पुरानी बैटरियों और मैन्युफैक्चरिंग स्क्रैप से ग्रेफाइट रिकवर करना घरेलू सप्लाई के लिए एक अतिरिक्त स्रोत बन सकता है।

लिको अपने क्रिटिकल मिनरल रिकवरी प्रोसेस के जरिए ग्रेफाइट रिकवर करेगी और इसके बाद इसे EAM को सप्लाई किया जाएगा। EAM इस रिकवर किए गए ग्रेफाइट को प्रोसेस और क्वालिफाई करेगा, ताकि इसे अपने ग्रेफाइट एनोड मटेरियल प्लेटफॉर्म में सेकेंडरी फीडस्टॉक के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। कंपनियों के अनुसार, इंटरनल डेवलपमेंट और टेस्टिंग के बाद 2026 के अंत तक कस्टमर वैलिडेशन के लिए सैंपल उपलब्ध कराए जाने की उम्मीद है।

ईएएम (EAM) इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम सहित लिथियम-आयन बैटरी एप्लिकेशंस के लिए सिंथेटिक, नेचुरल और ब्लेंडेड ग्रेफाइट एनोड मटेरियल तैयार करती है। दोनों कंपनियां एक क्लोज्ड-लूप सप्लाई चेन विकसित कर रही हैं, जिसमें पुरानी बैटरियों और मैन्युफैक्चरिंग स्क्रैप से रिकवर किया गया ग्रेफाइट दोबारा एनोड मटेरियल उत्पादन में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे बैटरी इकोसिस्टम में पहले से मौजूद ग्रेफाइट को दोबारा उत्पादन प्रक्रिया में लाने का रास्ता तैयार होगा।

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