महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी (MLMML) ने 4 लाख संचयी इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। कंपनी के अनुसार, वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली कमर्शियल व्हीकल निर्माता बन गई है।
कंपनी ने बताया कि उसके इलेक्ट्रिक वाहनों ने पैसेंजर और कार्गो लास्ट-माइल एप्लीकेशंस में सामूहिक रूप से 9 अरब किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है। MLMML के मुताबिक, इससे लगभग 1.85 लाख टन CO₂ उत्सर्जन को कम करने में मदद मिली है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा की सहायक कंपनी MLMML लगातार चार वित्तीय वर्षों से भारत की नंबर-1 इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल निर्माता होने का दावा करती है। कंपनी के इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो में Treo रेंज, UDO, Zor Grand, e-Alfa और ZEO शामिल हैं।
कंपनी के अनुसार, उसके इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को अपनाने में बेहतर ऑपरेटिंग इकनॉमिक्स और ग्राहकों की दैनिक कमाई एवं बिजनेस ऑपरेशंस को सपोर्ट करने की क्षमता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इलेक्ट्रिक लास्ट-माइल मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए कंपनी ने प्रोडक्ट्स, पार्टनरशिप, फाइनेंसिंग और कस्टमर सपोर्ट में भी निवेश किया है।
महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी (MLMML) ने 2031 तक सड़कों पर 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहन उतारने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का कहना है कि वह प्रोडक्ट्स को बेहतर बनाने, ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने और लास्ट-माइल ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अधिक सुलभ बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी (Mahindra Last Mile Mobility) की मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सुमन मिश्रा ने कहा कि 4 लाख का आंकड़ा केवल बिक्री संख्या नहीं है, बल्कि यह उन 4 लाख आजीविकाओं का प्रतिनिधित्व करता है जिन्हें कंपनी ने रोजाना आगे बढ़ाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि कंपनी आगे भी उत्पादों और पूरे ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ लास्ट-माइल ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अधिक सुलभ बनाने पर काम करेगी।