महले (MAHLE) ने मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में इलेक्ट्रिक कंप्रेसर (ई-कंप्रेसर) का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट में €7 मिलियन यानी करीब 65 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह भारत में कंपनी की पहली डेडिकेटेड ई-कंप्रेसर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी है।
ई-कंप्रेसर इलेक्ट्रिक वाहनों के थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये वाहन के केबिन को ठंडा रखने के साथ बैटरी के तापमान को निर्धारित स्तर पर बनाए रखने में मदद करते हैं। इसका सीधा असर ईवी की चार्जिंग परफॉर्मेंस, ड्राइविंग रेंज और बैटरी सेल की लाइफ पर पड़ता है।
नई असेंबली लाइन की पीक यूटिलाइजेशन पर सालाना 3 लाख से ज्यादा यूनिट उत्पादन की क्षमता है। कंपनी के अनुसार, यहां निर्मित ई-कंप्रेसर का उपयोग घरेलू ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक्सपोर्ट के लिए भी किया जाएगा।
महले (MAHLE) पावरट्रेन और चार्जिंग के भारत, चीन और ईस्ट एशिया के वाइस प्रेसिडेंट इवान लेनेहान ने कहा कि भारत वैश्विक मोबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह नई फैसिलिटी भारत के तेजी से विकसित हो रहे ऑटोमोटिव बाजार में कंपनी की मौजूदगी को मजबूत करेगी और सस्टेनेबल मोबिलिटी सॉल्यूशंस के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को बढ़ाएगी।
महले इलेक्ट्रिक ड्राइव्स इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मिलिंद म्हैस्कर ने कहा कि यह प्रोडक्शन फैसिलिटी कंपनी के लोकलाइजेशन और कस्टमर-केंद्रित इनोवेशन पर ध्यान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट की सफलता कंपनी की टीमों की मेहनत और बिजनेस पार्टनर्स के साथ सहयोग का परिणाम है।
नई सुविधा के साथ महले भारत में ईवी कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और लोकलाइजेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा रही है। ई-कंप्रेसर का स्थानीय उत्पादन भारत के बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के साथ-साथ ग्लोबल सप्लाई जरूरतों को पूरा करने में कंपनी की भूमिका को मजबूत करेगा।