मर्सिडीज़-बेंज़ इंडिया (Mercedes-Benz India) को उम्मीद है कि पर्याप्त सप्लाई मिलने पर अगले साल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) उसकी कुल बिक्री में 20-25% हिस्सेदारी हासिल कर सकते हैं। कंपनी के अनुसार, उसके बैटरी इलेक्ट्रिक मॉडल्स की मांग उपलब्धता से ज्यादा है। कंपनी का कहना है कि पर्याप्त सप्लाई मिलने पर इस साल भी EV penetration 7-8% अधिक हो सकती थी।
मर्सिडीज़-बेंज़ इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ संतोष अय्यर ने कहा कि कंपनी के ईवी कारोबार में फिलहाल मांग नहीं, बल्कि सप्लाई सबसे बड़ी चुनौती है। नए CLA BEV के लिए कंपनी को 1,000 से अधिक confirmed orders मिल चुके हैं, जबकि ग्राहक locally produced EQS SUV का भी इंतजार कर रहे हैं। CLA BEV की डिलीवरी फिलहाल मार्च 2027 तक बढ़ गई है।
जनवरी-सितंबर 2026 के दौरान Mercedes-Benz India के battery electric vehicle portfolio में सालाना आधार पर 16% की बढ़ोतरी हुई है। Iyer के अनुसार, मौजूदा order backlog से कंपनी को भरोसा है कि जैसे-जैसे वाहनों की उपलब्धता बेहतर होगी, EV penetration में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ cancellations के बावजूद कई ग्राहक करीब छह महीने तक इंतजार करने के लिए तैयार हैं।
कंपनी के EV portfolio में सप्लाई की स्थिति मॉडल के हिसाब से अलग है। CLA BEV को वैश्विक स्तर पर मजबूत मांग मिल रही है, जिससे भारत के लिए उपलब्धता सीमित है। वहीं, locally produced EQS SUV के मामले में कंपनी ने इलेक्ट्रिक मॉडल की ओर ग्राहकों के शिफ्ट का अनुमान कम लगाया था और अब इसका production बढ़ाया जा रहा है। Mercedes-Benz को नवंबर-दिसंबर से EQS SUV की उपलब्धता में सुधार की उम्मीद है, जबकि ज्यादातर supply-related issues अगले साल की शुरुआत तक हल होने की संभावना है।
मर्सिडीज़-बेंज़ इंडिया 4 नवंबर को भारत में GLC BEV भी लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जिससे कंपनी की ईवी लाइन-अप और मजबूत होगी। इस बीच, जनवरी-सितंबर 2026 में कंपनी ने 15,190 वाहन बेचे, जो पिछले साल की समान अवधि के 14,132 यूनिट्स से करीब 8% अधिक है। तीसरी तिमाही में बिक्री 5,422 यूनिट्स रही, जो सालाना आधार पर 6% और पिछली तिमाही की तुलना में 17% अधिक है। Top-End Luxury sales में 13% और मर्सिडीज़-AMG पोर्टफ़ोलियो में 18% की वृद्धि दर्ज की गई।