Micron 2027 तक Sanand में चिप प्रोडक्शन को बढ़ाकर करोड़ों यूनिट करेगा

Micron 2027 तक Sanand में चिप प्रोडक्शन को बढ़ाकर करोड़ों यूनिट करेगा

Micron 2027 तक Sanand में चिप प्रोडक्शन को बढ़ाकर करोड़ों यूनिट करेगा
Micron के सीईओ संजय मेहरोत्रा ने कहा कि Sanand फैसिलिटी में चिप प्रोडक्शन इस साल करोड़ों से बढ़कर अगले साल करोड़ों यूनिट तक पहुंचाया जाएगा।


Micron Technology अगले साल गुजरात के Sanand स्थित अपने प्लांट में चिप असेंबली और टेस्टिंग का प्रोडक्शन कई गुना बढ़ाने की योजना बना रही है। Micron के सीईओ संजय मेहरोत्रा ने नई दिल्ली में आयोजित SEMICON India 2026 में कहा कि कंपनी इस साल Sanand में करोड़ों चिप्स की असेंबली और टेस्टिंग करेगी, जबकि अगले साल यह संख्या सैकड़ों मिलियन चिप्स तक पहुंच सकती है।

मेहरोत्रा ने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर सेक्टर अब लंबे समय से चर्चा में रहे “पोटेंशियल” से आगे बढ़कर “एक्जीक्यूशन” के चरण में पहुंच गया है। उन्होंने Sanand में DRAM और NAND प्रोडक्ट्स के कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत का जिक्र किया, जो फरवरी में शुरू हुआ था। यह फैसिलिटी India Semiconductor Mission के तहत स्थापित होने वाली पहली सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट साइट है। यहां Micron के ग्लोबल नेटवर्क की दूसरी फैसिलिटीज में तैयार किए गए एडवांस्ड DRAM और NAND वेफर्स को फिनिश्ड मेमोरी और स्टोरेज प्रोडक्ट्स में बदला जाता है।

Sanand प्लांट में ₹2.75 बिलियन डॉलर का निवेश

Sanand प्लांट में Micron और उसके सरकारी पार्टनर्स की ओर से कुल मिलाकर करीब 2.75 बिलियन डॉलर का निवेश किया गया है। कंपनी के अनुसार, प्लांट के पास भारत की पूरी लैपटॉप इंडस्ट्री की मेमोरी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त क्षमता है। कंपनी ने Dell Technologies को भारत में बने अपने पहले मेमोरी मॉड्यूल भी उपलब्ध कराए हैं, जिनका इस्तेमाल देश में तैयार किए जा रहे लैपटॉप में किया जा रहा है।

मेहरोत्रा ने बताया कि Micron Bengaluru और Hyderabad में मेमोरी चिप्स को डिजाइन करती है, गुजरात में उनकी असेंबली करती है और फिर उन्हें दुनिया के सभी महाद्वीपों में मौजूद ग्राहकों तक भेजती है। उन्होंने कहा कि कंपनी की मौजूदा प्रोडक्शन क्षमता पहले ही भारत की मेमोरी जरूरतों से अधिक है।

भारत में 7,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार

Micron भारत में सीधे तौर पर 7,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। कंपनी की Bengaluru और Hyderabad स्थित इंजीनियरिंग टीमें अब तक 3,700 से ज्यादा पेटेंट, इनोवेशन और टेक्निकल डिस्क्लोजर में योगदान दे चुकी हैं। इससे भारत में Micron के इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी ऑपरेशंस के बढ़ते दायरे का पता चलता है।

संजय मेहरोत्रा, चेयरमैन, प्रेसिडेंट और सीईओ, Micron Technology ने कहा, “पोटेंशियल प्रोडक्ट्स को शिप नहीं करता। आज भारत में जो मैं देख रहा हूं, वह एक्जीक्यूशन है।”

भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग क्षमता बढ़ाने के साथ Micron का Sanand प्लांट देश के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स और मेमोरी प्रोडक्ट्स इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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