बैटरी रिसाइक्लिंग में NavPrakriti का बड़ा निवेश

बैटरी रिसाइक्लिंग में NavPrakriti का बड़ा निवेश

बैटरी रिसाइक्लिंग में NavPrakriti का बड़ा निवेश
नवप्रकृति ओडिशा में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश कर क्रिटिकल मिनरल रिफाइनिंग प्लांट स्थापित करेगी, जो 2028–29 तक चालू होगा। यह परियोजना बैटरी रिसाइक्लिंग, घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने और आयात निर्भरता कम करने में मदद करेगी।

नवप्रकृति (NavPrakriti) ने ओडिशा में एक अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड क्रिटिकल मिनरल रिफाइनिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना की घोषणा की है। यह प्लांट वित्त वर्ष 2028–29 तक चालू होने की उम्मीद है और एंड-ऑफ-लाइफ बैटरियों से लिथियम, कोबाल्ट और निकेल जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के निष्कर्षण पर केंद्रित होगा।

कंपनी को National Critical Mineral Mission के तहत पात्रता भी मिली है, जिससे घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी। यह प्लांट सालाना 5,000 मीट्रिक टन बैटरियों को प्रोसेस करने में सक्षम होगा, जिससे सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा।

वर्ष 2024 में अखिलेश बागरिया और अवनिष बागरिया द्वारा स्थापित कंपनी का पहला प्लांट पश्चिम बंगाल के सेरामपुर में पहले से संचालित है, जिसकी सालाना क्षमता 12,000 टन है, जिसे 24,000 टन तक बढ़ाया जा सकता है। ओडिशा में बनने वाला यह दूसरा ग्रीनफील्ड प्लांट होगा।

कंपनी आरएंडडी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी कर रही है, जिससे बैटरी रीसाइक्लिंग और केमिकल रिकवरी तकनीकों में नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है।

नवप्रकृति के सह-संस्थापक अवनीश बगड़िया ने कहा, “नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन के तहत पात्रता मिलने के साथ, हम अगले तीन वर्षों में 150 से ज्यादा बैटरी OEMs और प्रमुख बैटरी निर्माताओं के साथ साझेदारी के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को तेज कर रहे हैं। हमने हाल ही में NASH Energy के साथ साझेदारी की है, ताकि NASH द्वारा निर्मित सभी बैटरियों—जिसमें प्रोडक्शन स्क्रैप भी शामिल है—के लिए जिम्मेदार एंड-ऑफ-लाइफ मैनेजमेंट और क्लोज्ड-लूप रीसाइक्लिंग सुनिश्चित की जा सके।

मैटेरियल रिकवरी को अधिकतम करते हुए और भारत की आयात निर्भरता को कम करते हुए, हम देश के एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) नियमों के अनुरूप सभी प्रोसेस की गई बैटरियों के लिए जिम्मेदार एंड-ऑफ-लाइफ मैनेजमेंट और क्लोज्ड-लूप रीसाइक्लिंग सुनिश्चित कर रहे हैं।”

इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। साथ ही, कंपनी ने NASH Energy के साथ साझेदारी भी की है, जिससे बैटरियों के एंड-ऑफ-लाइफ मैनेजमेंट और क्लोज्ड-लूप रीसाइक्लिंग को सुनिश्चित किया जा सके।

नवप्रकृति का यह कदम भारत में सस्टेनेबल बैटरी इकोसिस्टम बनाने और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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