ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड (Ola Electric Mobility Ltd.) ने Axis Energy के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत वर्ष 2032 तक 20 GWh क्षमता के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की संभावित तैनाती का आकलन किया जाएगा।
यह ओला इलेक्ट्रिक के आगामी Mahashakti एनर्जी स्टोरेज प्लेटफॉर्म के लिए पहला बड़े पैमाने का साझेदारी समझौता है। कंपनी 15 अगस्त को Mahashakti प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। यह प्लेटफॉर्म कमर्शियल, औद्योगिक और यूटिलिटी-स्केल एनर्जी स्टोरेज अनुप्रयोगों के लिए विकसित किया गया है और ओला के लिए एक नए विकास क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है।
एक्सिस एनर्जी (Axis Energy) भारत में स्टोरेज-आधारित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का बड़ा पोर्टफोलियो विकसित कर रही है। कंपनी को आंध्र प्रदेश और राजस्थान में 3,750 मेगावाट से अधिक क्षमता वाली परियोजनाओं के लिए ग्रिड स्वीकृतियां मिल चुकी हैं, जबकि लगभग 3,500 मेगावाट की अतिरिक्त परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। इन परियोजनाओं में Firm and Dispatchable Renewable Energy (FDRE), हाइब्रिड और अन्य गैर-सौर परियोजनाएं शामिल हैं, जिनके लिए बड़े पैमाने पर BESS की आवश्यकता होगी।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के अनुसार, भारत को वर्ष 2032 तक 400 GWh से ज्यादा एनर्जी स्टोरेज क्षमता की आवश्यकता होगी। ओला का Mahashakti प्लेटफॉर्म भारत में डिजाइन और निर्मित BESS समाधान होगा, जिसका उपयोग नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण, औद्योगिक बिजली, ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में किया जा सकेगा।
ओला इलेक्ट्रिक का कहना है कि उसका प्लेटफॉर्म सेल तकनीक से लेकर मैन्युफैक्चरिंग और सिस्टम इंजीनियरिंग तक पूरी तरह वर्टिकली इंटीग्रेटेड है। इससे ग्राहकों को बेहतर सुरक्षा, उच्च प्रदर्शन, मजबूत सप्लाई चेन और कम कुल परिचालन लागत का लाभ मिलेगा।
एक्सिस एनर्जी वेंचर्स (Axis Energy Ventures) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर रवि कुमार रेड्डी कटारू ने कहा कि कंपनी के बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह समझौता स्वदेशी बैटरी स्टोरेज समाधानों के मूल्यांकन की दिशा में एक अहम कदम है।
वहीं, ओला इलेक्ट्रिक के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर भाविश अग्रवाल ने कहा कि भारत को बड़े पैमाने पर एनर्जी स्टोरेज की आवश्यकता होगी और कंपनी का वर्टिकली इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म सुरक्षा, प्रदर्शन और लागत के मामले में बेहतर समाधान प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि एक्सिस एनर्जी (Axis Energy) कंपनी का पहला बड़े पैमाने का साझेदार है और यह महाशक्ति (Mahashakti) प्लेटफॉर्म की क्षमता का महत्वपूर्ण प्रारंभिक प्रमाण है।