पावर-इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनाने वाली भारतीय कंपनी Zenergize ने सोलर और क्लीन एनर्जी सेक्टर के लिए अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने हेतु इन्फिनियॉन टेक्नोलॉजीज (Infineon Technologies) के साथ रणनीतिक तकनीकी साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत ज़ेनर्जाइज़ (Zenergize) अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में इन्फिनियॉन (Infineon) के उन्नत पावर सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स को एकीकृत करेगी।
इस सहयोग के अंतर्गत ज़ेनर्जाइज़, इन्फिनियन (Zenergize, Infineon) के सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) पावर डिवाइसेज़ का उपयोग करेगी, जिससे उसके पावर-इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम की दक्षता, विश्वसनीयता और आयु में सुधार होगा। साथ ही, Infineon कंपनी को तकनीकी और एप्लिकेशन-लेवल सपोर्ट भी प्रदान करेगा, जिससे उत्पाद विकास तेज होगा और टाइम-टू-मार्केट बेहतर होगा।
यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब भारत में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) जैसी सरकारी योजनाओं और रेसिडेंशियल, कमर्शियल व इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में सोलर और एनर्जी-स्टोरेज समाधान की बढ़ती मांग के कारण नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है।
एसआईसी (SiC) तकनीक की मदद से ज़ेनर्जाइज़ (Zenergize) अधिक दक्ष, कम ऊर्जा हानि वाले और कॉम्पैक्ट पावर सिस्टम विकसित कर सकेगी, जो सोलर इन्वर्टर्स, एनर्जी-स्टोरेज सिस्टम और ग्रिड-कनेक्टेड उपकरणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह तकनीक भारत की कठिन जलवायु और ग्रिड परिस्थितियों—जैसे उच्च तापमान और वोल्टेज उतार-चढ़ाव—में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करेगी।
ज़ेनर्जाइज़ (Zenergize) के फाउंडर और सीटीओ वीर करण गोयल ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी को वैश्विक स्तर की सेमीकंडक्टर तकनीक और विशेषज्ञता तक पहुंच प्रदान करती है, जिससे वे “भारत के लिए भारत में” उत्पाद विकसित कर सकेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी ऑपरेशनल डेटा भारत में सुरक्षित रूप से होस्ट किया जाएगा, जिससे डेटा सुरक्षा और नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित होगा।
इन्फिनियॉन टेक्नोलॉजीज (Infineon Technologies) के वाइस प्रेसिडेंट जेंस रेनस्टेड्ट ने कहा कि भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण है और इन्फिनियॉन (Infineon) इस दिशा में दीर्घकालिक तकनीकी साझेदार बनने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस साझेदारी के माध्यम से ज़ेनर्जाइज़ (Zenergize) न केवल भारत में पावर-इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य में वैश्विक बाजारों में विस्तार की दिशा में भी अपनी स्थिति को मजबूत करेगा।