इस सहयोग के तहत दोनों कंपनियां भारतीय बाजार के लिए उन्नत बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (Battery Energy Storage Systems - BESS) विकसित करेंगी और पेश करेंगी।
हैवेल्स की मजबूत विनिर्माण क्षमता, व्यापक बिक्री एवं वितरण नेटवर्क और भारतीय बाजार की गहरी समझ को Pixii की वैश्विक स्तर पर प्रमाणित ऊर्जा भंडारण तकनीक के साथ जोड़कर दोनों कंपनियों का लक्ष्य विश्वसनीय, कुशल और विस्तार योग्य (Scalable) ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराना है। इससे भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) को गति मिलने की उम्मीद है।
इस साझेदारी से हैवेल्स भारत के तेजी से विकसित हो रहे ऊर्जा क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा। साथ ही, छोटे व्यवसायों, वाणिज्यिक (Commercial) और औद्योगिक (Industrial) ग्राहकों के लिए उन्नत और मॉड्यूलर बैटरी एनर्जी स्टोरेज समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे। इस संबंध में समझौता ज्ञापन (MoU) पर नॉर्वे की भारत में राजदूत मे-एलिन स्टेनर (May-Elin Stener) की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर नॉर्वे दूतावास, हैवेल्स इंडिया और Pixii AS के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
रणनीतिक साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां चरणबद्ध तरीके से भारत में दीर्घकालिक बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) इकोसिस्टम विकसित करेंगी। शुरुआत में पायलट परियोजनाओं के माध्यम से बाजार की जरूरतों और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। इसके बाद भारतीय ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुरूप ऑल-इन-वन ऊर्जा भंडारण समाधान विकसित किए जाएंगे। आगे चलकर भारत में इन उत्पादों का स्थानीय विनिर्माण (Local Manufacturing) भी किया जाएगा।
इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए रेशु मदान, एसबीयू हेड - रिन्यूएबल्स, हैवेल्स इंडिया लिमिटेड ने कहा, "भारत तेजी से स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में Pixii के साथ हमारी साझेदारी वैश्विक नवाचार को भारतीय बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।" वहीं, असीम गोयल, बीयू हेड - रिन्यूएबल्स, ने कहा कि "यह सहयोग हैवेल्स के ऊर्जा समाधान पोर्टफोलियो का विस्तार करेगा और स्थानीय विनिर्माण के माध्यम से भारत के सतत विकास (Sustainability) लक्ष्यों को हासिल करने में योगदान देगा।"
Pixii AS के सीईओ थॉमस इंगेब्रेटसन ने कहा "ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। हैवेल्स के साथ यह साझेदारी हमारी उन्नत तकनीक को स्थानीय विनिर्माण क्षमता, बाजार विशेषज्ञता और व्यापक ग्राहक नेटवर्क के साथ जोड़ती है। हमें विश्वास है कि हम मिलकर भारतीय घरों और व्यवसायों के लिए आधुनिक ऊर्जा भंडारण समाधान उपलब्ध करा सकेंगे।"
उद्योग के अनुमान के अनुसार, भारत में आवासीय (Residential), वाणिज्यिक एवं औद्योगिक (C&I) क्षेत्रों के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का बाजार वित्त वर्ष 2030 तक लगभग 10,000-12,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। अगले तीन वर्षों में इसके 100 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ने का अनुमान है। नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) को तेजी से अपनाए जाने और विश्वसनीय बिजली अवसंरचना की बढ़ती जरूरत के कारण इस क्षेत्र में बड़े अवसर बन रहे हैं। हैवेल्स और Pixii का मानना है कि यह साझेदारी भारत में वैश्विक तकनीक, स्थानीय नवाचार और भविष्य के लिए तैयार सतत ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र (Sustainable Energy Ecosystem) के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।