ईवी निर्माण का नया हब बन रहा है तमिलनाडु

ईवी निर्माण का नया हब बन रहा है तमिलनाडु

ईवी निर्माण का नया हब बन रहा है तमिलनाडु
तमिलनाडु एमएसएमई, मजबूत औद्योगिक आधार और प्रगतिशील नीतियों के दम पर भारत का अग्रणी ईवी मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में तमिलनाडु तेजी से भारत के सबसे मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है। Entrepreneur India EV Expo & Conference 2026 में तमिलनाडु के एमएसएमई विभाग के संयुक्त निदेशक एवं GM (I/C), FAME TN, वी.एस. वेंकटेशन ने राज्य की EV नीति, MSME की भूमिका और 50,000 करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य के जरिए भारत की स्वच्छ मोबिलिटी क्रांति का रोडमैप प्रस्तुत किया।

कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी केवल पारंपरिक वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन, ऊर्जा प्रणाली, सतत विकास और आर्थिक प्रगति का व्यापक परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि Entrepreneur India ने नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत, उद्यमियों और शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाकर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा का अवसर प्रदान किया है।

तमिलनाडु की ताकत है उसका मजबूत MSME इकोसिस्टम

वेंकटेशन ने कहा कि तमिलनाडु की औद्योगिक सफलता केवल बड़े उद्योगों की वजह से नहीं है, बल्कि राज्य का मजबूत MSME इकोसिस्टम इसकी सबसे बड़ी ताकत है। राज्य के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग महत्वपूर्ण ऑटो कंपोनेंट्स का निर्माण करते हैं, नई तकनीकों पर आधारित उत्पाद विकसित करते हैं, इंजीनियरिंग सेवाएं उपलब्ध कराते हैं, रोजगार सृजित करते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि MSME केवल सप्लायर नहीं हैं, बल्कि वे नवाचार, समाधान और औद्योगिक विकास के प्रमुख साझेदार हैं।

EV निर्माण के लिए तमिलनाडु को मिला प्राकृतिक लाभ

उन्होंने बताया कि तमिलनाडु पहले से ही भारत के प्रमुख ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट निर्माण केंद्रों में शामिल है। विशेष रूप से कोयंबटूर जैसे क्षेत्रों में पंप, मोटर, फाउंड्री और प्रिसीजन इंजीनियरिंग उद्योगों ने ऐसी तकनीकी क्षमता और कुशल मानव संसाधन तैयार किए हैं, जो इलेक्ट्रिक मोटर, पावरट्रेन और अन्य महत्वपूर्ण EV कंपोनेंट्स के निर्माण के लिए आदर्श आधार प्रदान करते हैं।

उनके अनुसार तमिलनाडु की ईवी सफलता किसी एक नीति या एक निवेश का परिणाम नहीं, बल्कि दशकों की औद्योगिक सोच, नीति निरंतरता, मजबूत बुनियादी ढांचे और विनिर्माण क्षमता का परिणाम है।

प्रगतिशील नीतियों से मिल रहा उद्योग को प्रोत्साहन

वेंकटेशन ने कहा कि राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए Tamil Nadu Electric Vehicle Policy 2023 और State Research & Development Policy जैसी कई प्रगतिशील नीतियां लागू की हैं।

इन नीतियों के तहत EV निर्माता, ऑटो कंपोनेंट निर्माता, बैटरी एवं सेल निर्माता, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों और अनुसंधान एवं विकास (R&D) गतिविधियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इससे केवल वाहन निर्माण ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर और उन्नत तकनीकों में भी निवेश बढ़ रहा है।

MSME को मिलेगा 1.5 करोड़ रुपये तक का पूंजी अनुदान

उन्होंने बताया कि Tamil Nadu MSME Policy 2021 के तहत इलेक्ट्रिक वाहन कंपोनेंट्स, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और संबद्ध उपकरणों के निर्माण को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है। पात्र MSME इकाइयों को राज्य सरकार की ओर से अधिकतम 1.5 करोड़ रुपये तक की पूंजी सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी परिवर्तन में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।

50,000 करोड़ रुपये निवेश और 1.5 लाख रोजगार का लक्ष्य

तमिलनाडु का लक्ष्य ईवी क्षेत्र में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और 1.5 लाख नए रोजगार सृजित करना है। राज्य का उद्देश्य भारत का पसंदीदा इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण केंद्र बनने के साथ-साथ दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए एक प्रमुख उत्पादन हब के रूप में स्थापित होना है।

वाहन निर्माण से आगे है बड़े अवसर

वेंकटेशन ने कहा कि ईवी उद्योग केवल वाहन निर्माण तक सीमित नहीं है। बैटरी, बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, कंट्रोल सिस्टम और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में MSME के लिए विशाल अवसर मौजूद हैं। इससे वे घरेलू और वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकते हैं और भारत की अगली औद्योगिक क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

सरकार हर स्तर पर दे रही सहयोग

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्यमिता को बढ़ावा देने, नई तकनीकों को अपनाने, आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना विकसित करने, बाजार तक पहुंच बढ़ाने, गुणवत्ता प्रमाणन, अनुसंधान एवं विकास तथा वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर भी लगातार काम कर रही है।

वैश्विक EV हब बनने की दिशा में अगला कदम

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु मॉडल यह साबित करता है कि जब दूरदर्शी नीतियां, उद्योग की क्षमता, विश्वस्तरीय अवसंरचना, उद्यमिता और मजबूत MSME नेटवर्क एक साथ आते हैं, तब सतत औद्योगिक विकास संभव होता है। अब अगला लक्ष्य राज्य के विनिर्माण क्लस्टर्स को और मजबूत करना, MSME को वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ना और तमिलनाडु को वैश्विक स्वच्छ मोबिलिटी परिवर्तन का विश्वसनीय साझेदार बनाना है।

इलेक्ट्रिक मोटर परीक्षण के लिए नई पहल

उन्होंने जानकारी दी कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तमिलनाडु सरकार ने SITAR, Coimbatore के साथ एक समझौता (MoU) किया है। इसके तहत इलेक्ट्रिक मोटर और कंट्रोलर परीक्षण सुविधा स्थापित की जाएगी। इस परियोजना में लगभग 90 प्रतिशत यानी 9 करोड़ रुपये का अनुदान राज्य सरकार देगी, जबकि 1 करोड़ रुपये का निवेश SITAR द्वारा किया जाएगा।

अपने संबोधन के अंत में वेंकटेशन ने Entrepreneur India और सभी नॉलेज पार्टनर्स को इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सम्मेलन में होने वाली चर्चाएं नए निवेश, मजबूत साझेदारियों, तकनीकी नवाचार और सतत (ससटेनेबल) औद्योगिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगी तथा तमिलनाडु और भारत दोनों की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी यात्रा को नई गति देंगी।

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