इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल निर्माता ओमेगा सेकी मोबिलिटी (OSM) ने अपनी रणनीतिक फंडिंग पहल के तहत 50 करोड़ रुपये की नई फंडिंग जुटाई है। यह निवेश एक अघोषित वैल्यूएशन पर हुआ है और कंपनी के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कारोबार को बढ़ाने के साथ भविष्य में पब्लिक मार्केट में उतरने की दिशा में मदद करेगा। इस राउंड का नेतृत्व अभिषेक मिश्रा, एसकेजी एसेट मैनेजमेंट और यूनिस्टोन कैपिटल ने किया।
फंडिंग राउंड में संजीव अग्रवाल फ़ैमिली ऑफ़िस, ब्रजेश पारेख फ़ैमिली ऑफ़िस और एसकेजी फंड (SKG Fund) समेत कई निवेशकों ने भाग लिया। इससे पहले इसी महीने ओएसएम (OSM) ने
सेक्युरोकॉर्प सिक्यूरिटिस (Securocorp Securities), संगीता पारीख (Sangeeta Pareekh), साकेत अग्रवाल फ़ैमिली ऑफ़िस (Saket Aggarwal Family Office) और वंशिका शर्मा (Vanshika Sharma) से भी 50 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल की थी। कंपनी 2018 में Dr. Uday Narang द्वारा स्थापित की गई थी और इलेक्ट्रिक कार्गो थ्री-व्हीलर, पैसेंजर व्हीकल, प्रीमियम इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और इलेक्ट्रिक लाइट कमर्शियल व्हीकल पेश करती है।
कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं फरीदाबाद और पुणे में हैं। नई फंडिंग का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, R&D को मजबूत करने, डीलर और सर्विस नेटवर्क का विस्तार करने तथा नई पीढ़ी के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रोडक्ट्स की लॉन्चिंग तेज करने के लिए किया जाएगा। OSM के पास वर्तमान में भारत में 150 टचपॉइंट्स हैं और कंपनी FY28 तक इन्हें बढ़ाकर 250 करने की योजना बना रही है।
ओएसएम (OSM) के वित्तीय परफॉरमेंस में भी सुधार हुआ है। कंपनी ने FY26 में करीब ₹333 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 13% की वृद्धि है। कंपनी के अनुसार, वह PAT यानी Profit After Tax के स्तर पर भी पॉजिटिव हो गई है। OSM अब तेज विस्तार के साथ-साथ स्केल, मुनाफे और लंबे समय के टिकाऊ विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
भारत के अलावा OSM अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी विस्तार की संभावनाएं तलाश रही है, जिसमें अफ्रीका प्रमुख बाजारों में शामिल है। अगस्त 2025 में कंपनी ने दुबई के Jafza में अपना पहला विदेशी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू करने की घोषणा की थी। कंपनी का लक्ष्य अपने मैन्युफैक्चरिंग अनुभव, विविध प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए भारत के साथ-साथ वैश्विक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाना है।
ओएसएम (OSM) के अनुसार, भारत में ईवी बिक्री 2016 के मुकाबले करीब 46 गुना बढ़ चुकी है, जबकि ईवी एक्सपोर्ट 2020 के USD 1.2 मिलियन से बढ़कर 2024 में USD 84 मिलियन हो गया। National मैन्युफैक्चरिंग ऑन मिशन, पीएलआई स्कीम (Mission on Manufacturing, PLI Scheme) और पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) जैसी सरकारी पहलों से भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम को सपोर्ट मिल रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि पैसेंजर मोबिलिटी, प्रीमियम इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और इलेक्ट्रिक लाइट कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में विस्तार से उसका मौजूदा कार्गो थ्री-व्हीलर कारोबार और मजबूत होगा।