पेयू (PayU) ने अपने नए AI-पावर्ड आउटबाउंड वॉयस कॉल असिस्टेंट को लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य मर्चेंट ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया को तेज और आसान बनाना है। यह कदम कंपनी की AI-नेटिव प्लेटफॉर्म बनने की रणनीति का हिस्सा है।
पारंपरिक रूप से मर्चेंट ऑनबोर्डिंग में KYC, डॉक्यूमेंटेशन और कई स्टेप्स के कारण देरी होती थी, जिससे कई बार व्यापारी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते थे। नया AI वॉयस असिस्टेंट ऐसे मर्चेंट लीड्स से सीधे जुड़कर उन्हें इंग्लिश और हिंदी में बातचीत के जरिए ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी करने में मदद करेगा।
यह सिस्टम व्यापारियों से जरूरी जानकारी जैसे बिजनेस डिटेल्स, वेबसाइट, रेवेन्यू और कैटेगरी एकत्र करेगा, जिससे वेरिफिकेशन तेज होगा और ड्रॉप-ऑफ दर कम होगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर इसे ह्यूमन अकाउंट मैनेजर्स से भी जोड़ा जाएगा ताकि बेहतर सपोर्ट मिल सके।
पेयू के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर मानस मिश्रा ने कहा कि वॉयस एआई भविष्य में बिजनेस ग्रोथ का प्रमुख आधार बनेगा और कंपनी मर्चेंट एक्सपीरियंस को और सहज बनाने पर काम कर रही है।
कंपनी आगे चलकर इस तकनीक को KYC रिकवरी, नए प्रोडक्ट रिक्वेस्ट और क्रॉस-सेलिंग जैसे अन्य टचपॉइंट्स पर भी लागू करने की योजना बना रही है।
पेयू भारत की एक प्रमुख फिनटेक कंपनी है, जो 4.5 लाख से अधिक व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशंस प्रदान करती है और 100 से अधिक पेमेंट मेथड्स सपोर्ट करती है।