यह तीन महीने का प्रोग्राम पूरी तरह इक्विटी-फ्री है, यानी स्टार्टअप्स को इसमें हिस्सा लेने के लिए अपनी कंपनी का कोई हिस्सा नहीं देना होगा। यह पहल खासतौर पर उन भारतीय स्टार्टअप्स के लिए है, जो एडवांस एआई तकनीकों पर काम कर रहे हैं और बड़े स्तर की वास्तविक समस्याओं का समाधान निकाल रहे हैं।
यह प्रोग्राम सीड से लेकर सीरीज़ ए स्टेज तक के AI-फर्स्ट स्टार्टअप्स के लिए खुला है। इस साल इसमें चार मुख्य क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा- Agentic AI (ऑटोमेटेड सिस्टम और वर्कफ्लो), Multimodal AI (ऑडियो, वीडियो और इमेज से जुड़े टूल्स), Physical AI (रोबोटिक्स और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग) और Sovereign AI (लोकल जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए एआई मॉडल)।
घोषणा के अनुसार, यह एक्सीलरेटर उन स्टार्टअप्स को सपोर्ट करेगा जो भारत की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार समाधान बना रहे हैं या ग्लोबल इंडस्ट्री के लिए टेक्नोलॉजी विकसित कर रहे हैं। चुने गए स्टार्टअप्स को बिना इक्विटी दिए टेक्निकल और बिजनेस सपोर्ट मिलेगा।
इस प्रोग्राम के तहत स्टार्टअप्स को गूगल के एक्सपर्ट्स के साथ काम करने का मौका मिलेगा और उन्हें Gemini, Gemma, Imagen, Veo और Lyria जैसे एडवांस एआई मॉडल्स का एक्सेस दिया जाएगा। साथ ही Google DeepMind, Cloud, Health और Android टीम्स से मेंटरशिप भी मिलेगी। इसके अलावा, पात्र स्टार्टअप्स को TPUs, AI टूल्स और Google Cloud क्रेडिट्स जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।
स्टार्टअप्स को उनके लक्ष्यों को हासिल करने में मदद के लिए साप्ताहिक प्रगति ट्रैकिंग और डेडिकेटेड मैनेजर्स का सपोर्ट दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य प्रोडक्ट डेवलपमेंट, टेक्नोलॉजी और बिजनेस ग्रोथ में ठोस परिणाम हासिल करना है।
यह 2026 एक्सीलरेटर प्रोग्राम जून के अंत में बेंगलुरु में एक सप्ताह के ऑफलाइन बूटकैंप के साथ शुरू होगा। इसके बाद अक्टूबर में डेमो डे आयोजित किया जाएगा, जहां स्टार्टअप्स अपने काम और प्रगति को प्रस्तुत करेंगे।