यह नया डेटा सेंटर टोक्यो में बनाया जाएगा और इसके जुलाई 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है-
कंपनी के अनुसार, यह डेटा सेंटर जापानी ग्राहकों के लिए उसकी ऑब्ज़र्वेबिलिटी प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाएगा और स्थानीय डेटा स्टोरेज तथा नियमों के पालन की बढ़ती मांग को पूरा करेगा। पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर जापान के भीतर होने से कंपनियों को डेटा रेजिडेंसी और प्राइवेसी से जुड़े कड़े राष्ट्रीय नियमों का पालन करने में आसानी होगी।
अशन विली, सीईओ, New Relic ने कहा कि New Relic कई प्रमुख जापानी कंपनियों को प्रभावशाली तकनीकी समाधान बाजार में लाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि तेजी से आगे बढ़ रहे AI युग में ऑब्ज़र्वेबिलिटी उच्च-प्रदर्शन तकनीक के पीछे काम करने वाला एक महत्वपूर्ण इंजन है। उनका कहना है कि नया स्थानीय डेटा सेंटर डेटा रेजिडेंसी से जुड़ी चुनौतियों को हल करेगा और जापानी कंपनियों को बेहतर डेटा सुरक्षा, गवर्नेंस और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बनाए रखने में मदद करेगा।
जापान कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बनता जा रहा है, खासकर रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में। हाल के वर्षों में फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स और पब्लिक सेक्टर संगठनों से भी मांग बढ़ी है। कंपनी के अनुसार, बढ़ती ग्राहक मांग को देखते हुए पिछले एक साल में जापान में उसकी वर्कफोर्स लगभग 20 प्रतिशत बढ़ाई गई है।
ह नया डेटा सेंटर एक डेटा रेजिडेंसी हब के रूप में काम करेगा। इससे खासकर वित्त और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सख्त नियमों वाले उद्योगों की कंपनियां अपने ऑपरेशनल डेटा को जापान के भीतर ही संग्रह, स्टोर और प्रोसेस कर सकेंगी। कंपनी का कहना है कि इससे संगठनों को नियमों का पालन करने के साथ-साथ बेहतर डेटा सुरक्षा और गवर्नेंस बनाए रखने में मदद मिलेगी।
टोक्यो में स्थित यह इंफ्रास्ट्रक्चर अल्ट्रा-लो लेटेंसी भी प्रदान करेगा, जिससे डेटा प्रोसेसिंग तेज होगी और कंपनियों को रीयल-टाइम इनसाइट्स मिल सकेंगी। इससे व्यवसायों को संचालन और रणनीतिक निर्णय जल्दी लेने में मदद मिलेगी, खासकर उस समय जब कंपनियां तेजी से AI-आधारित डिजिटल सिस्टम अपना रही हैं।
डेटा सेंटर शुरू होने के बाद यह New Relic प्लेटफॉर्म के सभी ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा।
कंपनी का कहना है कि यह पहल जापान में अपनी मौजूदगी मजबूत करने और स्थानीय कंपनियों को डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने तथा अपनी तकनीकी संरचना को आधुनिक बनाने में सहयोग देने की उसकी व्यापक रणनीति का हिस्सा