प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नवनिर्मित डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में बैंकिंग सेवाओं को उन लोगों तक पहुंचाने पर ध्यान दिया गया, जो अब तक इन सुविधाओं से वंचित थे। आने वाले दशक में बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनाने पर जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि ओडिशा में स्थापित डेटा सेंटर और उसकी कंप्यूटिंग प्रणालियां इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज युद्ध केवल हथियारों से नहीं लड़े जाते, बल्कि साइबर हमलों के जरिए किसी देश की अर्थव्यवस्था को भी कमजोर किया जा सकता है। ऐसे में पुराने प्रशिक्षण उपकरणों की जगह आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित कर्मचारियों को तैयार करना जरूरी है। उन्होंने नए साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा, “आजकल युद्ध केवल हथियारों से नहीं लड़े जाते। किसी देश की अर्थव्यवस्था पर हमला करके उसे कमजोर भी किया जा सकता है। जैसे-जैसे भारत आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, हमें अपने बैंकिंग सिस्टम को साइबर लुटेरों और साइबर आतंकवादियों से सुरक्षित रखना होगा।”
डिजिटल बैंकिंग के साथ तकनीकी कौशल पर जोर
प्रधानमंत्री ने वित्तीय समावेशन की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2014 तक देश की आधी से अधिक आबादी बैंकिंग व्यवस्था से बाहर थी। अब प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत लगभग 60 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं। मुद्रा योजना के तहत 13 करोड़ लोगों को पहली बार उद्यमी बनने का अवसर मिला है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजनाओं के जरिए रेहड़ी-पटरी वालों और कारीगरों को औपचारिक ऋण सुविधाओं से जोड़ा गया है। इसके अलावा, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 10 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग सहायता मिली है। प्रधानमंत्री के अनुसार, केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत लाभार्थियों के खातों में अब पूरी राशि सीधे पहुंचती है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में बैंकिंग व्यवस्था की भूमिका
प्रधानमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल पेंशन योजना से 9 करोड़ नागरिक जुड़े हैं, जिनमें ओडिशा के 38 लाख लोग शामिल हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 20 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर मिलता है। वहीं, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 450 रुपये से कम के वार्षिक प्रीमियम पर जीवन बीमा कवर उपलब्ध कराया जाता है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इन योजनाओं के तहत 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का भुगतान किया जा चुका है।
ओडिशा में सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग को बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ओडिशा अब अपने खनिज आधारित उद्योगों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रहा है।
इन क्षेत्रों के विकास के साथ तकनीकी शिक्षा, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण और विशेष कौशल वाले पेशेवरों की जरूरत भी बढ़ सकती है। RBI का नया प्रशिक्षण संस्थान बैंकिंग क्षेत्र में साइबर सुरक्षा की समझ और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।