इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास (IIT मद्रास) ने बायोटेक्नोलॉजी और बायोमैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में युवाओं को इंडस्ट्री के अनुरूप कौशल प्रदान करने के लिए UDYOG प्रोग्राम लॉन्च किया है। यह एक इंडस्ट्री-ओरिएंटेड फिनिशिंग स्कूल है, जिसका उद्देश्य ग्रेजुएट्स को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और प्रोफेशनल स्किल्स के जरिए रोजगार के लिए तैयार करना है।
UDYOG का पूरा नाम ‘अपस्किलिंग एंड डेवलपमेंट फॉर यंग ग्रेजुएट्स’ है। इस प्रोग्राम के जरिए एकेडमिक एजुकेशन और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच के अंतर को कम करने का प्रयास किया जाएगा। इसके तहत छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय प्रयोगशाला में काम करने और औद्योगिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
ऑनलाइन कोर्स से लेकर लैब ट्रेनिंग तक पर फोकस
UDYOG प्रोग्राम में ऑनलाइन कोर्स, गहन प्रयोगशाला प्रशिक्षण, पायलट-स्केल प्रक्रियाओं का अनुभव और इंडस्ट्री इंटर्नशिप के अवसर शामिल किए गए हैं। इस प्रशिक्षण व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को बायोटेक्नोलॉजी और बायोमैन्युफैक्चरिंग से जुड़े व्यावहारिक कार्यों और पेशेवर जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है।
बायोमैन्युफैक्चरिंग में जैविक प्रणालियों, कोशिकाओं और अन्य जैविक प्रक्रियाओं की मदद से उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इस क्षेत्र में रिसर्च के साथ-साथ प्रयोगशाला तकनीकों, उत्पादन प्रक्रियाओं और गुणवत्ता से जुड़ी समझ भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में इंडस्ट्री आधारित ट्रेनिंग छात्रों को शैक्षणिक ज्ञान को वास्तविक कार्यक्षेत्र में लागू करने में मदद कर सकती है।
B.Tech, M.Tech और M.Sc के छात्रों के लिए अवसर
IIT मद्रास-टाइसेल बायोफाउंड्री की पहल SynBioME के माध्यम से शुरू किया गया यह प्रोग्राम बायोटेक्नोलॉजी और इससे जुड़े विषयों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए तैयार किया गया है। इसमें भारत के विभिन्न कॉलेजों और संस्थानों में B.Tech, M.Tech और M.Sc की प्री-फाइनल ईयर और फाइनल ईयर में पढ़ने वाले छात्र भाग लेने के लिए लक्षित समूह में शामिल हैं।
प्रोग्राम का पहला बैच 18 जनवरी 2027 से शुरू होने वाला है। इसके लिए अर्ली-बर्ड रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 15 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक छात्रों को आवेदन से पहले संस्थान की आधिकारिक घोषणा से पात्रता, फीस और आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि करनी चाहिए।
IIT मद्रास ने एकेडमिक और इंडस्ट्री सहयोग पर दिया जोर
IIT मद्रास के डायरेक्टर वी. कामकोटि (Prof. V. Kamakoti) ने बुधवार को इस प्रोग्राम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग की बढ़ती जरूरत पर जोर दिया।
कामकोटि ने कहा, “AI का अर्थ एकेडमिया-इंडस्ट्री भी है। आज साइंस और इंजीनियरिंग के हर क्षेत्र के लिए यह जरूरी होता जा रहा है कि वे आधुनिक दुनिया के अनुरूप प्रासंगिक बने रहने के लिए एकेडमिया और इंडस्ट्री के इस जुड़ाव को गंभीरता से समझें। UDYOG इसी दिशा में IIT मद्रास की एक और पहल है।”
यह प्रोग्राम उच्च शिक्षा में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास पर बढ़ते फोकस को दर्शाता है। बायोटेक्नोलॉजी जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही व्यावहारिक अनुभव देना उनके करियर की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।