भारत के प्रमुख अर्ली चाइल्डहुड और K-12 एजुकेशन समूहों में शामिल लाइटहाउस लर्निंग ग्रुप ने 'PISA फॉर स्कूल्स 2025' असेसमेंट में अपने चार स्कूलों के बेहतर प्रदर्शन की जानकारी दी है। इन स्कूलों ने रीडिंग, गणित और विज्ञान में OECD के संदर्भ औसत से अधिक अंक हासिल किए। इस असेसमेंट में समूह के पांच स्कूलों ने हिस्सा लिया। इनमें बिलाबॉन्ग हाई इंटरनेशनल स्कूल के मलाड और वडोदरा कैंपस, सेंटर पॉइंट स्कूल का अमरावती रोड बायपास कैंपस और यूरोस्कूल के HSR तथा उंड्री कैंपस शामिल थे।
PISA फॉर स्कूल्स एक अंतरराष्ट्रीय असेसमेंट है, जो विद्यार्थियों के ज्ञान के साथ-साथ यह भी परखता है कि वे जानकारी को कितनी अच्छी तरह समझते हैं, नई परिस्थितियों में तर्क के आधार पर निर्णय कैसे लेते हैं, समस्याओं को कैसे हल करते हैं और सीखी गई अवधारणाओं का वास्तविक जीवन में इस्तेमाल कैसे करते हैं। इसमें विद्यार्थियों की भलाई, पढ़ाई के प्रति उनकी प्रेरणा और स्कूल से जुड़ाव जैसे पहलुओं का भी आकलन किया जाता है।
PISA के तीनों विषयों में स्कूलों का प्रदर्शन
PISA फॉर स्कूल्स 2025 असेसमेंट में शामिल स्कूलों ने अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, समूह की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, तीन स्कूलों ने रीडिंग, गणित और विज्ञान तीनों विषयों में OECD के संदर्भ औसत से अधिक अंक हासिल किए।
} बिलाबॉन्ग हाई इंटरनेशनल स्कूल, मलाड: स्कूल ने रीडिंग में 517, गणित में 510 और विज्ञान में 523 अंक हासिल किए। तीनों विषयों में इसके अंक OECD के संदर्भ औसत से अधिक रहे।
} बिलाबॉन्ग हाई इंटरनेशनल स्कूल, वडोदरा: स्कूल को रीडिंग में 498, गणित में 507 और विज्ञान में 522 अंक मिले।
} यूरोस्कूल, HSR: स्कूल ने रीडिंग में 508, गणित में 507 और विज्ञान में 531 अंक हासिल किए।
} यूरोस्कूल, उंड्री: स्कूल को रीडिंग में 506, गणित में 485 और विज्ञान में 506 अंक मिले। रीडिंग और विज्ञान में इसका प्रदर्शन OECD के संदर्भ औसत से बेहतर रहा।
} सेंटर पॉइंट स्कूल, अमरावती रोड बायपास: स्कूल ने रीडिंग में 476, गणित में 469 और विज्ञान में 476 अंक हासिल किए। इस असेसमेंट से स्कूल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन की तुलना करने और सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए एक आधार मिला।
नेतृत्व ने व्यावहारिक शिक्षा पर दिया जोर
लाइटहाउस लर्निंग ग्रुप के K-12 स्कूलों के सीईओ सदाशिव नायक ने परिणामों पर टिप्पणी करते हुए कहा, “लाइटहाउस लर्निंग में हमारा मानना है कि सार्थक शिक्षा केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि विद्यार्थी क्या जानते हैं, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि वे अपने ज्ञान का इस्तेमाल कितने आत्मविश्वास और समझदारी के साथ कर सकते हैं। PISA फॉर स्कूल्स के परिणाम हमारे स्कूलों को एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मानक उपलब्ध कराते हैं। साथ ही, यह समझने का अवसर देते हैं कि हम सीखने के परिणामों को और बेहतर कैसे बना सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा, “हम अपने विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रदर्शन से उत्साहित हैं। यह एक ऐसी दुनिया के लिए युवाओं को तैयार करने की हमारी निरंतर कोशिशों में एक और कदम है, जहां चुनौतियां लगातार जटिल होती जा रही हैं।”
लाइटहाउस लर्निंग ग्रुप की चीफ एजुकेशन ऑफिसर डॉ. नताशा मेहता ने कहा कि PISA फॉर स्कूल्स असेसमेंट समूह की शिक्षा पद्धति से काफी हद तक मेल खाता है। इस पद्धति में विद्यार्थियों को सवाल पूछने, जानकारी समझने, तर्क करने और सीखी गई अवधारणाओं का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि ये परिणाम स्कूलों की मजबूतियों को सामने लाने के साथ-साथ शिक्षकों को उन क्षेत्रों की पहचान करने में भी मदद करते हैं, जहां आगे सुधार किया जा सकता है।
असेसमेंट से शैक्षणिक प्रदर्शन से आगे की जानकारी
समूह के अनुसार, इस असेसमेंट से मिली जानकारी शिक्षकों को ऐसी कक्षा गतिविधियां और शिक्षण पद्धतियां विकसित करने में मदद करेगी, जो विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को अधिक उपयोगी, रोचक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बना सकें।
शैक्षणिक प्रदर्शन के अलावा, यह असेसमेंट विद्यार्थियों की भलाई, पढ़ाई के प्रति प्रेरणा, स्कूल से जुड़ाव और स्कूल के माहौल में उनके संबंधों के बारे में भी जानकारी देता है। इससे स्कूल अपनी मजबूतियों को पहचान सकते हैं, पढ़ाने के तरीकों में सुधार कर सकते हैं और सीखने के परिणामों को लगातार बेहतर बना सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर विद्यार्थियों की क्षमताओं का आकलन करके लाइटहाउस लर्निंग का उद्देश्य प्रासंगिक, व्यावहारिक और भविष्य के लिए उपयोगी शिक्षा पर अपना फोकस मजबूत करना है। समूह की शिक्षा पद्धति विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें स्वतंत्र रूप से सोचने, नई समस्याओं को हल करने और अपने ज्ञान का आत्मविश्वास के साथ इस्तेमाल करने के लिए भी तैयार करती है।