AI सॉफ्टवेयर निर्माण प्लेटफॉर्म Emergent ने उद्यमी और कंटेंट क्रिएटर राज शमानी के साथ मिलकर एक राष्ट्रीय स्तर की पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य भारतीय व्यवसायों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस अभियान के तहत व्यवसाय अपनी वास्तविक परिचालन चुनौतियों के समाधान के लिए कस्टम सॉफ्टवेयर बनाएंगे और सबसे प्रभावशाली परिणाम दिखाने वालों को कुल ₹1 करोड़ का पुरस्कार मिलेगा।
इस चैलेंज में बिजनेस मालिकों, संस्थापकों और ऑपरेटरों को अपने संगठन की किसी महत्वपूर्ण समस्या की पहचान करनी होगी। इसके बाद उन्हें Emergent के AI प्लेटफॉर्म का उपयोग करके उसका सॉफ्टवेयर समाधान विकसित करना होगा, उसे अपने दैनिक कार्यों में लागू करना होगा और उसके व्यावसायिक परिणामों को प्रदर्शित करना होगा। सबसे अधिक परिचालन सुधार दिखाने वाली शीर्ष तीन प्रविष्टियों को ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि साझा की जाएगी।
यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब भारत में AI को अपनाने की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। विशेष रूप से छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय बिना भारी सॉफ्टवेयर विकास लागत के अपने कार्यों को डिजिटल बनाने के लिए AI का उपयोग कर रहे हैं। Emergent का प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को सामान्य भाषा के माध्यम से फुल-स्टैक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन बनाने की सुविधा देता है। इसके जरिए व्यवसाय इन्वेंट्री प्रबंधन, वर्कफ्लो ऑटोमेशन, लीड ट्रैकिंग, ऑर्डर मैनेजमेंट और ऑपरेशनल मॉनिटरिंग जैसे कार्यों के लिए बिना कोडिंग ज्ञान के सॉफ्टवेयर तैयार कर सकते हैं।
Emergent के, को-फाउंडर औऱ सीईओ मुकुंद झा ने कहा कि अधिकांश व्यवसायों को अधिक सॉफ्टवेयर की नहीं, बल्कि ऐसे सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होती है जो उनके व्यवसाय की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि अब तक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने के लिए समय, धन और तकनीकी संसाधनों की जरूरत पड़ती थी, लेकिन AI ने इस प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। उनका मानना है कि अब निर्माता, व्यापारी, लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर और स्टार्टअप फाउंडर कुछ ही दिनों में अपने व्यवसाय के लिए उपयोगी टूल तैयार कर सकते हैं।
यह अभियान इस बात को भी दर्शाता है कि AI को व्यावहारिक रूप से अपनाने में उद्यमियों और कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इस पहल के तहत राज शमानी ने भी अपने व्यवसाय के लिए Emergent की मदद से एक सॉफ्टवेयर तैयार किया और पूरी प्रक्रिया को साझा किया, ताकि यह दिखाया जा सके कि AI आधारित सॉफ्टवेयर निर्माण अब केवल डेवलपर्स और बड़ी टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रह गया है।
राज शमानी ने कहा कि हर व्यवसाय में कुछ ऐसी चुनौतियां होती हैं जो उसकी वृद्धि को धीमा करती हैं। पहले इन समस्याओं को हल करने के लिए डेवलपर्स, एजेंसियों या तकनीकी टीमों की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब AI ने यह स्थिति बदल दी है। उनका कहना है कि यदि किसी व्यवसाय को अपनी समस्या स्पष्ट रूप से समझ में आती है, तो वह स्वयं उसका समाधान तैयार करना शुरू कर सकता है। यह चैलेंज व्यवसाय मालिकों को यही दिखाने का प्रयास है कि वे इंतजार करने के बजाय खुद समाधान विकसित कर सकते हैं।
आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विनिर्माण कंपनियों, व्यापारियों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों, सप्लाई चेन ऑपरेटरों, डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स और पारिवारिक व्यवसायों को AI-आधारित संचालन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। नकद पुरस्कार के अलावा यह अभियान AI के माध्यम से होने वाले वास्तविक व्यावसायिक बदलावों के उदाहरण प्रस्तुत करेगा और भारत के व्यापारिक इकोसिस्टम में नई तकनीकों को अपनाने की गति को बढ़ाने में मदद करेगा।