Raptee.HV और REC ने EV सेंटर शुरू किया

Raptee.HV और REC ने EV सेंटर शुरू किया

Raptee.HV और REC ने EV सेंटर शुरू किया
रैप्टी.एचवी और REC ने चेन्नई में 50 लाख की लागत से ईवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किया, जहां छात्रों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग मिलेगी।

इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल निर्माता रैप्टी.एचवी ने गुरुवार को राजलक्ष्मी इंजीनियरिंग कॉलेज (आरईसी)के साथ साझेदारी कर चेन्नई में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य छात्रों को इलेक्ट्रिक व्हीकल इंजीनियरिंग और रियल-वर्ल्ड मोबिलिटी सिस्टम का व्यावहारिक अनुभव देना है।

यह सुविधा राजलक्ष्मी इंजीनियरिंग कॉलेज के वाइस चेयरमैन अभय मेगनाथन एस ने शुरू की। यह सेंटर रैप्टी.एचवी एकेडमी का हिस्सा है, जिसके जरिए कंपनी शैक्षणिक संस्थानों में प्रैक्टिकल ईवी इंजीनियरिंग और इंडस्ट्री एक्सपोजर को बढ़ावा दे रही है।

दोनों संस्थानों ने इस साझेदारी को औपचारिक रूप देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU)पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग, साइट विजिट, गेस्ट लेक्चर, इंटर्नशिप, इंडस्ट्री-ओरिएंटेड कोर्स और जॉइंट रिसर्च जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।

3,000 वर्ग फुट में बने इस सेंटर पर करीब ₹50 लाख का निवेश किया गया है। इसमें रैप्टी.एचवी T30 इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल, प्रमुख ईवी कंपोनेंट्स, डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी से लैस मोटरसाइकिल, इंटरैक्टिव लर्निंग मॉड्यूल और प्रयोग व प्रोटोटाइपिंग के लिए विशेष स्थान बनाए गए हैं।

यह लैब इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए तैयार की गई है। यहां छात्रों को बैटरी पैक, इलेक्ट्रिक मोटर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, व्हीकल कम्युनिकेशन सिस्टम और रियल-टाइम डायग्नोस्टिक्स पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग मिलेगी।

रैप्टी.एचवी के को-फाउंडर और सीईओ दिनेश अर्जुन ने कहा कि भविष्य की मोबिलिटी ऐसे इंजीनियर तैयार करेंगे, जो बैटरी सेल से लेकर सॉफ्टवेयर तक पूरी मशीन को समझते हों। उन्होंने कहा कि यह समझ केवल क्लासरूम से विकसित नहीं की जा सकती, बल्कि छात्रों को सिस्टम पर काम करने, प्रयोग करने और उसे दोबारा बनाने का अनुभव भी जरूरी है।

साझेदारी के तहत छात्रों और फैकल्टी को Raptee.HV के साथ रियल-वर्ल्ड ईवी इंजीनियरिंग चुनौतियों पर काम करने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, इंटर्नशिप, तकनीकी प्रशिक्षण और जॉइंट रिसर्च प्रोजेक्ट्स के लिए भी अवसर तैयार किए जाएंगे।

राजलक्ष्मी इंजीनियरिंग कॉलेज के वाइस चेयरमैन अभय मेगनाथन एस ने कहा कि यह सेंटर छात्रों और फैकल्टी को एडवांस ईवी टेक्नोलॉजी के साथ काम करने, इंडस्ट्री-ओरिएंटेड प्रोजेक्ट्स और रिसर्च करने तथा वास्तविक मोबिलिटी चुनौतियों के समाधान विकसित करने का अवसर देगा।

कॉलेज के मौजूदा रिसर्च इकोसिस्टम में 15 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शामिल हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेडिकल इमेजिंग, मशीन विजन, रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा साइंस, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे क्षेत्रों पर काम करते हैं।

 

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