भारतीय निर्यातकों के लिए क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स प्लेटफॉर्म स्कायडो (Skydo) को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से पेमेंट एग्रीगेटर–क्रॉस बॉर्डर (PA-CB) के रूप में संचालन की अंतिम मंज़ूरी मिल गई है। स्कायडो इस लाइसेंस को हासिल करने वाले शुरुआती क्रॉस-बॉर्डर फिनटेक प्लेटफॉर्म्स में शामिल हो गया है।
बेंगलुरु स्थित कंपनी के अनुसार, वह वर्तमान में 50 से अधिक शहरों में 30,000 से ज्यादा भारतीय MSMEs, फ्रीलांसर्स और स्टार्टअप्स को सेवाएं दे रही है और 32 से अधिक विदेशी मुद्राओं में कलेक्शन की सुविधा प्रदान करती है।
स्कायडो ने कहा कि वह एक कम्प्लायंट, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट प्लेटफॉर्म का निर्माण जारी रखेगी, जिससे निर्यातक अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों से लोकल कलेक्शन कर सकें। कंपनी फ्लैट-फीस प्राइसिंग, लाइव मिड-मार्केट FX रेट्स पर बिना किसी मार्क-अप और तेज़ सेटलमेंट की सुविधा देती है।
कंपनी के अनुसार, उसका प्लेटफॉर्म पार्टनर बैंकों के साथ गहरी इंटीग्रेशन के जरिए FIRC जैसे कम्प्लायंस डॉक्युमेंट्स तक तुरंत पहुंच उपलब्ध कराता है। इसके साथ ही इनवॉइसिंग, पेमेंट रिमाइंडर्स, लेजरिंग और ERP/अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर के साथ इंटीग्रेशन जैसी अकाउंट्स रिसीवेबल टूल्स की पूरी श्रृंखला भी प्रदान करता है।
स्कायडो के हेड ऑफ रिस्क एंड कम्प्लायंस, अवधेश रंजन ने कहा,“RBI से मिली यह मंज़ूरी क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स, कम्प्लायंस-फर्स्ट कल्चर, सुरक्षित सिस्टम्स और मजबूत रिस्क कंट्रोल्स को लेकर हमारी समझ का प्रमाण है। यह हमारे ग्राहकों और वैश्विक बैंक पार्टनर्स के लिए भरोसे की बड़ी मुहर है।”
स्कायडो के को-फाउंडर और CEO, श्रीवत्सन श्रीधर ने कहा कि PA-CB लाइसेंस कंपनी के लिए एक अहम पहुंच है। उन्होंने कहा, “यह मंज़ूरी हमारे उस दृष्टिकोण को मान्यता देती है जिसमें मजबूत गवर्नेंस, स्केलेबल सिस्टम्स और कम्प्लायंट पेमेंट रेल्स को प्राथमिकता दी गई है। इससे हमें SMB और एंटरप्राइज ग्राहकों, वैश्विक बैंक और पेमेंट पार्टनर्स के साथ भरोसा और मजबूत करने में मदद मिलेगी, साथ ही हम अपने पेमेंट वॉल्यूम और प्रोडक्ट विस्तार को तेज़ी से बढ़ा सकेंगे।”
PA-CB लाइसेंस मिलने के बाद स्कायडो ने कहा कि वह अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार करेगी और नए ट्रेड कॉरिडोर्स में अपनी पहुंच बढ़ाएगी। कंपनी ने MSME एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए कई फर्स्ट-टू-मार्केट समाधान भी पेश किए हैं, जिनमें अफ्रीका जैसे कठिन कॉरिडोर्स में लोकल पेमेंट एक्सेप्टेंस और इनवॉइसिंग, एनालिटिक्स व पेमेंट रिमाइंडर्स जैसी वैल्यू-एडेड सेवाएं शामिल हैं।
स्कायडो के को-फाउंडर, मोविन जैन ने कहा,“स्कायडो की शुरुआत के बाद से क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स के नियमों में बड़ा बदलाव आया है, जिसमें PA-CB फ्रेमवर्क का निर्माण भी शामिल है। RBI द्वारा इस फ्रेमवर्क के तहत पेमेंट्स को लाने से हम जैसे प्लेटफॉर्म भारतीय निर्यातकों के लिए अधिक सटीक और सुरक्षित समाधान तैयार कर पा रहे हैं।”
हाल ही में स्कायडो ने USD 10 मिलियन की सीरीज़-A फंडिंग जुटाई थी, जिसका नेतृत्व सस्क्वेहाना एशिया वेंचर कैपिटल ने किया, जबकि मौजूदा निवेशक एलेवेशन कैपिटल ने भी भागीदारी की। इसके साथ ही कंपनी की कुल फंडिंग USD 20 मिलियन हो गई है।कंपनी का लक्ष्य 2027 तक USD 5 बिलियन का वार्षिक पेमेंट वॉल्यूम हासिल करना है।