स्कोडा ऑटो वोक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Škoda Auto Volkswagen India Private Limited (SAVWIPL) ने पुणे के चाकन स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में नई स्कोडा स्लाविया (Skoda Slavia) का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। कंपनी के लिए यह भारत में उसकी मैन्युफैक्चरिंग और बिजनेस जर्नी में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। नई स्लाविया (Slavia) को फेस्टिव सीजन से पहले तैयार किया गया है और इसमें डिजाइन, टेक्नोलॉजी, कंफर्ट और सेफ्टी से जुड़े कई अपडेट किए गए हैं।
नई स्लाविया (Slavia) उस सफल सेडान लाइनअप को आगे बढ़ाती है, जिसकी अब तक करीब 80,000 यूनिट्स बिक्री हो चुकी हैं। कंपनी के मुताबिक, यह मॉडल यूरोपियन इंजीनियरिंग को भारतीय ग्राहकों की जरूरतों के साथ जोड़ता है। नई Slavia में 5-स्टार Global NCAP सेफ्टी रेटिंग को बरकरार रखते हुए 1.0 TSI इंजन के साथ नया 8-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दिया गया है।
फीचर्स की बात करें तो नई Slavia में सेगमेंट-फर्स्ट Rear Seat Massage Function, 360-डिग्री Area View Camera और नई जनरेशन का इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है। इसमें Google Cloud से संचालित AI Companion भी मिलता है। इसके अलावा कार में कंफर्ट, कनेक्टिविटी और ड्राइविंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए कई अपडेट किए गए हैं।
स्कोडा ऑटो के चीफ प्रोडक्शन ऑफिसर एंड्रियास डिक (Škoda Auto के Chief Production Officer Andreas Dick) ने कहा कि भारत कंपनी के ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वहीं, SAVWIPL के मैनेजिंग डायरेक्टर एंड सीईओ पीयूष अरोड़ा ने कहा कि नई Slavia का प्रोडक्शन शुरू होना कंपनी की भारत में डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को दर्शाता है। स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता के अनुसार, Slavia की सेगमेंट में करीब 30% हिस्सेदारी है और नई कार इस विरासत को आगे बढ़ाती है।
SAVWIPL भारत में दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स का संचालन करती है, जिनकी संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.15 लाख यूनिट्स है। कंपनी ने 2025 में भारत में स्थानीय रूप से निर्मित 20 लाख वाहनों का आंकड़ा पार किया। इसके अलावा, “Made in India for India and the World” रणनीति के तहत कंपनी अब तक 40 से ज्यादा देशों में 7.25 लाख से अधिक वाहनों का निर्यात कर चुकी है। पुणे स्थित Technology Centre के विस्तार के साथ कंपनी भारत में लोकलाइजेशन, इनोवेशन और ग्लोबल मार्केट्स के लिए प्रोडक्ट डेवलपमेंट पर भी ध्यान दे रही है।