भारतीय कारोबारों को क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सेवाएं देने वाले प्लेटफॉर्म Skydo को गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) के इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) में पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर (PSP) के रूप में काम करने के लिए इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) से फाइनल मंजूरी मिल गई है।
यह मंजूरी मई 2026 में मिली शुरुआती अनुमति के बाद दी गई है। इसके जरिए Skydo अंतरराष्ट्रीय पेमेंट से जुड़ी अपनी सेवाओं का विस्तार कर सकेगा। इनमें मल्टी-करेंसी अकाउंट, मर्चेंट एक्वायरिंग, पेमेंट कलेक्शन और एक्सपोर्टर्स, निवेश प्लेटफॉर्म तथा ट्रेड फाइनेंस कंपनियों के लिए पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
कंपनी अपनी मौजूदा क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट कलेक्शन सेवाओं से आगे बढ़कर IFSC में काम करने वाले पात्र भारतीय एक्सपोर्टर्स और फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबारों को सेवाएं देने की योजना बना रही है।
मल्टी-करेंसी अकाउंट से एक्सपोर्टर्स को मिलेगी मदद
Skydo की प्रस्तावित सेवाओं में पात्र भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए IFSC आधारित मल्टी-करेंसी अकाउंट शामिल हैं। कई एक्सपोर्टर्स विदेशी ग्राहकों से भुगतान मिलने के तुरंत बाद विदेशी मुद्रा को भारतीय रुपये में बदल देते हैं।
प्रस्तावित अकाउंट के जरिए पात्र एक्सपोर्टर्स विदेशी मुद्रा में भुगतान प्राप्त कर सकेंगे और उसे अपने अकाउंट में रख सकेंगे। वे जरूरत के अनुसार इस राशि का इस्तेमाल विदेशी सप्लायर्स को भुगतान करने या मुद्रा को भारतीय रुपये में बदलने के लिए कर सकेंगे। हालांकि, ये सुविधाएं लागू नियामकीय नियमों के अधीन होंगी।
इस लाइसेंस से कंपनी को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट, ट्रेड फाइनेंस और विदेशों में भुगतान से जुड़ी सेवाओं के विस्तार का अवसर भी मिलेगा। Skydo विदेशी शेयरों, विशेष रूप से अमेरिकी इक्विटी में निवेश की सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म्स के लिए पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, कंपनी एक्सपोर्ट फैक्टरिंग और ट्रेड फाइनेंस से जुड़ी कंपनियों को कलेक्शन और सेटलमेंट सेवाएं देने पर भी काम करेगी। जहां नियामकीय अनुमति होगी, वहां एस्क्रो सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
GIFT City में विस्तार से कारोबार के नए अवसर
GIFT City अंतरराष्ट्रीय फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रही है। यहां निवेश, बीमा, लेंडिंग, ट्रेड फाइनेंस और ट्रेजरी से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं। Skydo अपने भारतीय और वैश्विक पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके IFSC में काम करने वाले कारोबारों और वित्तीय संस्थानों को सेवाएं देना चाहती है।
कंपनी का उद्देश्य GIFT City में मौजूद फाइनेंशियल सर्विसेज प्रोवाइडर्स के लिए अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को आसान बनाना और भारतीय तथा विदेशी ग्राहकों के लिए उनकी सेवाओं तक पहुंच बेहतर करना है। वहीं Skydo के अनुसार, कंपनी वर्तमान में 50,000 से अधिक कारोबारों को सेवाएं दे रही है और सालाना आधार पर 1 अरब डॉलर से अधिक के पेमेंट वॉल्यूम को प्रोसेस करती है।
नियामकीय मंजूरी के साथ टीम का विस्तार
IFSCA से मिली मंजूरी के बाद Skydo की अलग-अलग बाजारों में नियामकीय मौजूदगी मजबूत हुई है। भारत में कंपनी को एक्सपोर्ट कलेक्शन के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से पेमेंट एग्रीगेटर-क्रॉस बॉर्डर (PA-CB) के रूप में फाइनल मंजूरी मिली हुई है। कंपनी के पास इसी फ्रेमवर्क के तहत विदेशों में भुगतान करने के लिए भी RBI की मंजूरी है।
कनाडा में Skydo को फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस एंड रिपोर्ट्स एनालिसिस सेंटर ऑफ कनाडा (FINTRAC) के साथ मनी सर्विसेज बिजनेस (MSB) के रूप में रजिस्ट्रेशन मिला है। इसके अलावा, कंपनी को बैंक ऑफ कनाडा से रिटेल पेमेंट एक्टिविटीज एक्ट (RPAA) के तहत फाइनल मंजूरी भी मिली है।
अपने विस्तार को आगे बढ़ाने के लिए Skydo ने GIFT City में एक अलग नेतृत्व टीम बनाई है। शेखर तेजवानी ने प्रिंसिपल ऑफिसर के रूप में कंपनी जॉइन की है और वह इस लोकेशन पर कंपनी के पहले कर्मचारी हैं। इसके बाद नयन नितेश को कंप्लायंस ऑफिसर के रूप में शामिल किया गया। कंपनी ने रिस्क और कंप्लायंस, प्रोडक्ट तथा ग्रोथ टीमों का भी विस्तार किया है।
नेतृत्व ने अंतरराष्ट्रीय पेमेंट रणनीति पर दिया जोर
Skydo में रिस्क और कंप्लायंस के प्रमुख अवधेश रंजन ने कहा, “हमने हमेशा कंप्लायंस को केवल एक औपचारिकता के बजाय अपनी कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा माना है। IFSCA से मिला यह लाइसेंस हमारी उस नींव को मजबूत करता है, जिस पर हम काम कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य ग्राहकों के लिए पेमेंट को आसान और पूरे सिस्टम के लिए सुरक्षित बनाना है।”
Skydo में बैंकिंग और एंटरप्राइज बिजनेस डेवलपमेंट के प्रमुख प्रशांत कुमार ने कहा कि GIFT City कंपनी के मौजूदा पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। इससे भारतीय कारोबारों के लिए मल्टी-करेंसी प्रोडक्ट्स पेश करने और IFSC में काम करने वाली फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों को सेवाएं देने के नए अवसर मिलेंगे।
क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट से एक्सपोर्ट ग्रोथ को मिलेगा समर्थन
भारत ने वित्त वर्ष 2030–31 तक 2 ट्रिलियन डॉलर के एक्सपोर्ट का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) की भूमिका महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय पेमेंट को तेज, सस्ता और अलग-अलग प्रणालियों के बीच अधिक सहज बनाने का मुद्दा भी नीतिगत स्तर पर महत्वपूर्ण रहा है। भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता में भी इस दिशा में बेहतर अंतरराष्ट्रीय पेमेंट व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।
जैसे-जैसे भारतीय कारोबार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपना विस्तार करेंगे, वैसे-वैसे विदेशी ग्राहकों से भुगतान प्राप्त करने, सप्लायर्स को पैसे भेजने और अंतरराष्ट्रीय सेटलमेंट को आसान बनाने वाली सेवाओं की जरूरत बढ़ेगी। Skydo GIFT City में वित्तीय संस्थानों और कारोबारों के साथ मिलकर ऐसे समाधान विकसित करने की योजना बना रही है, जो भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के बीच लेनदेन को सरल बना सकें।