स्विगी के आंतरिक डेटा के अनुसार, जनवरी 2026 में प्लेटफॉर्म पर किए गए हर 9 में से 1 फूड ऑर्डर उसकी EatRight कैटेगरी से आया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि हेल्दी फूड ऑर्डर करना अब केवल ट्रेंड या कभी-कभार की आदत नहीं रहा, बल्कि भारत में नियमित उपभोग व्यवहार का हिस्सा बनता जा रहा है।
EatRight कैटेगरी में वर्तमान में 1.8 लाख रेस्टोरेंट्स और 150 से अधिक डिश फैमिलीज़ में फैले 20 लाख से ज्यादा आइटम्स शामिल हैं। इनमें सलाद, सूप, टिक्का, कबाब, रोल्स, बिरयानी, सैंडविच और नॉर्थ इंडियन मील्स जैसे विकल्प मौजूद हैं। यह रुझान दर्शाता है कि हेल्दी फूड की मांग किसी एक क्यूज़ीन या फॉर्मेट तक सीमित नहीं है।
इस महीने की शुरुआत में एक यूनिफाइड कैटेगरी के रूप में लॉन्च की गई EatRight में हाई प्रोटीन, लो कैलोरी और नो एडेड शुगर विकल्पों को एक साथ लाया गया है। हाई प्रोटीन डिशेज़ में कम से कम 10% प्रोटीन-टू-कैलोरी रेशियो, लो कैलोरी आइटम्स में 500 कैलोरी से कम और नो एडेड शुगर में बिना अतिरिक्त चीनी या लो-कैलोरी स्वीटनर का उपयोग किया जाता है। स्विगी के अनुसार, उपभोक्ता अब हेल्दी ईटिंग को शॉर्ट-टर्म डाइट नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल चॉइस के रूप में देख रहे हैं।
जनवरी में ही, EatRight पोर्टफोलियो में 34,000 से अधिक नए आइटम्स जोड़े गए। EatFit और HRX by EatFit ने मल्टीग्रेन रोटियां लॉन्च कीं, Subway ने प्रोटीन-फोकस्ड राइस बाउल्स और सलाद पेश किए, Meghana जैसे बिरयानी ब्रांड्स ने प्रोटीन-टू-कैलोरी रेशियो बेहतर किया, जबकि Olio जैसी पिज़्ज़ा ब्रांड्स ने मल्टीग्रेन बेस पेश किए। बेवरेज सेगमेंट में Chai Point के शुगर-फ्री विकल्प और Starbucks व abCoffee के प्रोटीन-एन्हांस्ड ड्रिंक्स शामिल रहे।
उपभोक्ता व्यवहार के आंकड़े भी अहम संकेत देते हैं। 45 ग्राम या उससे अधिक प्रोटीन वाले मील्स की मांग, कुल EatRight कैटेगरी की तुलना में लगभग 3.5 गुना तेजी से बढ़ रही है। सबसे पसंदीदा कैलोरी रेंज 400–500 kcal की है, जिससे यह साफ है कि लोग हल्का लेकिन संतोषजनक भोजन चाहते हैं। रोल्स, सैंडविच, सलाद और हाई-प्रोटीन मिनी या सिंगल-सर्व बिरयानी इस बदलाव में अग्रणी हैं।
भौगोलिक रूप से भी यह ट्रेंड मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है। बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली एनसीआर के साथ-साथ अहमदाबाद, भुवनेश्वर, गोवा, मैसूर, कोयंबटूर और वडोदरा जैसे शहरों में भी हेल्दी ऑर्डरिंग में मजबूत बढ़ोतरी देखी जा रही है।
स्विगी के दीपक मलू, वाइस प्रेसिडेंट – फूड स्ट्रैटेजी, कस्टमर एक्सपीरियंस एंड न्यू इनिशिएटिव्स, ने कहा, “EatRight का उद्देश्य हेल्दी ईटिंग को स्विगी अनुभव का सहज हिस्सा बनाना था। आज स्विगी का हर 9वां ऑर्डर EatRight से है, जो दर्शाता है कि उपभोक्ता अब रोज़मर्रा में समझदारी से खाने लगे हैं। लोग स्वाद, पोषण और सुविधा—तीनों को एक साथ चाहते हैं।”
डेटा यह भी दिखाता है कि EatRight ऑर्डर्स बुधवार और शुक्रवार को सबसे ज्यादा आते हैं, जिससे संकेत मिलता है कि लोग हेल्दी भोजन को वर्कडे रूटीन में शामिल कर रहे हैं। इस आदत को बढ़ावा देने के लिए स्विगी ने EatRight Streaks भी लॉन्च किया है, जिसके तहत लगातार EatRight ऑर्डर करने पर ग्राहकों को 400 रुपये तक का फ्री कैश मिल सकता है। लॉन्च के पहले हफ्ते में ही 13 लाख यूज़र्स ने इसमें भाग लिया।
कुल मिलाकर, यह रुझान भारतीय फूड इंडस्ट्री में मेन्यू डिजाइन, पोर्शन साइज और न्यूट्रिशनल ट्रांसपेरेंसी को लेकर एक दीर्घकालिक बदलाव की ओर इशारा करता है, जहां हेल्दी फूड अब विकल्प नहीं बल्कि एक व्यावसायिक आवश्यकता बनता जा रहा है।