Chandrasekaran फिर संभालेंगे Tata Sons की कमान

Chandrasekaran फिर संभालेंगे Tata Sons की कमान

Chandrasekaran फिर संभालेंगे Tata Sons की कमान
टाटा संस के बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में पांच साल के नए कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी दी है।

टाटा संस के बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में पांच साल के एक और कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। यह फैसला चंद्रशेखरन के पिछले महीने दोबारा नियुक्ति के लिए उपलब्ध नहीं होने के निर्णय के बाद आया है। उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होना है।

टाटा संस के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स ने जुलाई 2025 में चंद्रशेखरन के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें एक और पांच साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त करने की सिफारिश की थी। हालांकि, फरवरी 2026 में इस मामले पर आवश्यक सहमति नहीं बन सकी और मई व जून में हुई बोर्ड चर्चाओं के बाद भी यह मामला लंबित रहा। इसके बाद चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त 2026 को मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा पद संभालने की इच्छा नहीं जताई थी।

इसके बाद Nomination and Remuneration Committee (NRC) ने 3 सितंबर को बैठक कर Chandrasekaran से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया और टाटा ग्रुप (Tata Group) के हित में उनके पुनर्नियुक्ति की सिफारिश की। 17 सितंबर को हुई बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन ने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने पर सहमति जताई, जिसके बाद बोर्ड ने बहुमत से उनके नए पांच साल के कार्यकाल को मंजूरी दी।

चंद्रशेखरन के अगले कार्यकाल के दौरान टाटा ग्रुप के ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, बैटरी और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में बड़े निवेश आगे बढ़ने हैं। समूह की कंपनियां गुजरात में अग्रटास के बैटरी सेल मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर फैब फैसिलिटी और असम में असेंबली एवं टेस्ट फैसिलिटी जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं।

जैगुआर लैंड रोवर भी नए इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म और अपने ग्लोबल प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के इलेक्ट्रिफिकेशन पर निवेश कर रही है।यह फैसला ऐसे समय आया है जब टाटा संस की रेगुलेटरी स्थिति और संभावित स्टॉक मार्केट लिस्टिंग को लेकर भी चर्चा जारी है। Reuters के अनुसार,  आरबीआई (RBI) ने टाटा संस की कोर (Core) इन्वेस्टमेंट कंपनी के रूप में रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अपील को खारिज कर दिया है, जिससे कंपनी पर लागू लिस्टिंग नियमों को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है।

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