इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता अल्ट्रावायलेट (Ultraviolette) ने कोलकाता पुलिस को अपनी X-47 Skyforce इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की 183 यूनिट्स डिलीवर की हैं। स्काईफ़ोर्स (Skyforce) कंपनी की X-47 Crossover पर आधारित लॉ-एन्फोर्समेंट वेरिएंट है, जिसे पुलिस की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खास इलेक्ट्रॉनिक्स आर्किटेक्चर के साथ तैयार किया गया है।
X-47 स्काईफोर्स (X-47 Skyforce) में पुलिस ड्यूटी के लिए सायरन, हूटर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और LED ब्लिंकर को सपोर्ट करने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स दी गई है। इसके अलावा मोटरसाइकिल में माइक्रोफोन और वॉकी-टॉकी के लिए होल्डर तथा उपकरण ले जाने के लिए साइड पैनियर्स भी दिए गए हैं। कंपनी के अनुसार, इन बदलावों को मौजूदा X-47 प्लेटफॉर्म में शामिल किया गया है, जबकि इसके मुख्य मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल हार्डवेयर में बदलाव नहीं किया गया है।
परफॉर्मेंस की बात करें तो X-47 Skyforce में 211 किमी की IDC-रेटेड रेंज और 145 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड का दावा किया गया है। इसमें 41mm अपसाइड-डाउन फ्रंट फोर्क और रियर मोनोशॉक दिया गया है, जबकि दोनों तरफ 170mm का व्हील ट्रैवल मिलता है। ब्रेकिंग के लिए Bybre के 320mm फ्रंट और 230mm रियर डिस्क ब्रेक दिए गए हैं।
इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों को पुलिस फ्लीट में शामिल करने में रेंज और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। IDC टेस्ट कंडीशन में 211 किमी की रेंज के बावजूद वास्तविक रेंज लोड, स्पीड और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करेगी। शहरी पुलिसिंग में कम दूरी की पेट्रोलिंग और बार-बार रुकने जैसी परिस्थितियों के कारण इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलें उपयोगी हो सकती हैं।
अल्ट्रावायलेट (Ultraviolette) के अनुसार, इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों से पेट्रोल वाहनों की तुलना में प्रति किलोमीटर रनिंग और मेंटेनेंस लागत कम हो सकती है। हालांकि, वास्तविक बचत बिजली की कीमत, चार्जिंग व्यवस्था और वाहन के उपयोग की तीव्रता जैसे कारकों पर निर्भर करेगी।
कोलकाता पुलिस को X-47 स्काईफोर्स (X-47 Skyforce) की डिलीवरी भारत में सरकारी और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के बीच इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बढ़ते इस्तेमाल को भी दर्शाती है। दिल्ली, पुणे और बेंगलुरु समेत कई शहरों में पुलिस बलों द्वारा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को ट्रायल या फ्लीट में शामिल किया गया है।