ऑटो कंपोनेंट निर्माता ऊनो मिंडा लिमिटेड के बोर्ड ने करीब 1,415 करोड़ के कुल Capex वाली चार मैन्युफैक्चरिंग परियोजनाओं के Detailed Project Reports (DPRs) को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं हरियाणा, तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र में स्थापित या विस्तारित की जाएंगी। कंपनी ने इन निवेशों के पीछे बढ़ते कारोबार और ग्राहकों की बढ़ती मांग को प्रमुख कारण बताया है।
हरियाणा के खरखौदा में टू-व्हीलर अलॉय व्हील प्लांट के लिए करीब 155 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। प्लांट की वार्षिक क्षमता 13 लाख व्हील्स होगी, जिससे कंपनी की कुल टू-व्हीलर अलॉय व्हील क्षमता बढ़कर 93 लाख यूनिट सालाना हो जाएगी। महाराष्ट्र के सुपा से 20 लाख यूनिट की मौजूदा क्षमता को भी यहां स्थानांतरित किया जाएगा। उत्पादन शुरू होने का लक्ष्य Q4 FY2028 रखा गया है। वहीं, तमिलनाडु के होसुर में करीब ₹510 करोड़ की लागत से नया ग्रीनफील्ड कास्टिंग प्लांट लगाया जाएगा, जिसकी क्षमता 20,557 MT सालाना होगी।
बेंगलुरु में ऊनो मिंडा की सहायक कंपनी Uno Minda Kyoraku Limited के प्लांट में करीब 80 करोड़ रुपये का क्षमता विस्तार किया जाएगा। इससे मौजूदा 32.8 लाख यूनिट की क्षमता में 13.8 लाख यूनिट सालाना की बढ़ोतरी होगी। इस प्लांट की मौजूदा क्षमता करीब 91.9% उपयोग में है और नई क्षमता का SOP Q1 FY2028 में लक्षित है। इसके अलावा, Toyoda Gosei South India Private Limited महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में करीब ₹670 करोड़ के निवेश से ऑटोमोटिव उत्पादों, एयरबैग, होज और बॉडी सीलिंग पार्ट्स के लिए नई सुविधा स्थापित करेगी।
फंडिंग के मोर्चे पर बोर्ड ने एक या अधिक चरणों में ₹600 करोड़ तक के लिस्टेड Non-Convertible Debentures (NCDs) जारी करने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही कंपनी ₹500 करोड़ तक के Commercial Papers भी जारी कर सकेगी। NCDs की अवधि, कूपन और सिक्योरिटी से जुड़ी शर्तें कंपनी की NCD Committee तय करेगी।
कंपनी के अनुसार, चारों कैपेक्स परियोजनाओं को टर्म लोन और आंतरिक संसाधनों के मिश्रण से वित्तपोषित किया जाएगा। इन निवेशों से ऊनो मिंडा की विभिन्न ऑटोमोटिव कंपोनेंट कैटेगरी में उत्पादन क्षमता बढ़ाने और भविष्य की ग्राहक मांग को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।