यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब Unacademy और upGrad Education के संभावित मर्जर को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, सुमित जैन कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं होंगे और आगे सलाहकार (Advisor) की भूमिका में जुड़े रहेंगे।
सुमित जैन के इस्तीफे की जानकारी सोमवार को LinkedIn पोस्ट के जरिए साझा की गई। Unacademy के सीईओ गौरव मुंजाल ने अपने पोस्ट में कहा कि सुमित जैन ने कंपनी के ग्रोथ फेज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने Graphy प्लेटफॉर्म को विकसित करने के साथ-साथ कंपनी के ऑफलाइन बिजनेस को लाभदायक बनाने में भी बड़ा योगदान दिया। गौरव मुंजाल ने लिखा कि “सुमित 2020 में को-फाउंडर के रूप में कंपनी से जुड़े थे और तब से उन्होंने कई महत्वपूर्ण बिजनेस वर्टिकल्स को मजबूत बनाया।”
OpenTalk अधिग्रहण के बाद जुड़े थे सुमित जैन
सुमित जैन Unacademy से तब जुड़े थे, जब कंपनी ने उनके स्टार्टअप OpenTalk का अधिग्रहण किया था। इसके बाद उन्होंने Graphy नाम के Creator-focused SaaS प्लेटफॉर्म का नेतृत्व किया, जो कंटेंट क्रिएटर्स और एजुकेटर्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है। साल 2023 में उन्हें कंपनी में “Partner” का दर्जा दिया गया था, जिसे उस समय गौरव मुंजाल ने को-फाउंडर के समान भूमिका बताया था। बाद में 2025 में उन्हें Unacademy के मुख्य टेस्ट प्रेप बिजनेस का सीईओ बनाया गया, जब कंपनी में बड़े स्तर पर नेतृत्व बदलाव किए गए थे।
upGrad के साथ मर्जर की चर्चाओं के बीच आया फैसला
सुमित जैन का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है, जब Unacademy अपने बिजनेस स्ट्रक्चर में लगातार बदलाव कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी रॉनी स्क्रूवाला के नेतृत्व वाली upGrad के साथ ऑल-स्टॉक डील के जरिए अधिग्रहण प्रक्रिया की ओर बढ़ रही है।
बताया जा रहा है कि इस प्रस्तावित मर्जर को लेकर दोनों कंपनियों ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India - CCI) से मंजूरी के लिए आवेदन भी किया है। एडटेक इंडस्ट्री में इस संभावित डील को बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
महामारी के दौरान तेजी से बढ़ी थी Unacademy
कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा की मांग बढ़ने से Unacademy देश के सबसे बड़े एडटेक स्टार्टअप्स में शामिल हो गई थी। उस समय कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 3.4 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई थी। हालांकि, महामारी के बाद एडटेक सेक्टर में आई मंदी के कारण कई कंपनियों को लागत कम करने, कर्मचारियों की छंटनी करने और बिजनेस मॉडल में बदलाव करने पड़े।
Unacademy ने भी पिछले कुछ वर्षों में अपने खर्चों में कटौती की, घाटे को कम किया और ऑफलाइन सेंटर विस्तार तथा लाभप्रदता पर फोकस बढ़ाया। कंपनी अब अपने बिजनेस को अधिक स्थिर और टिकाऊ बनाने की दिशा में काम कर रही है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि Unacademy और upGrad के बीच संभावित मर्जर भारत के एडटेक सेक्टर में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे दोनों कंपनियों की डिजिटल लर्निंग, स्किल डेवलपमेंट और टेस्ट प्रेप सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सुमित जैन का इस्तीफा कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन है, लेकिन सलाहकार के रूप में उनकी भूमिका भविष्य की रणनीतियों में अहम बनी रह सकती है। उनका अनुभव और एडटेक सेक्टर की समझ कंपनी के विस्तार और नए बिजनेस मॉडल तैयार करने में मददगार हो सकती है।