Waterfield Global Opportunity Fund अंतरराष्ट्रीय इक्विटी, कमोडिटीज और वैश्विक थीम में निवेश करेगा। यह किसी एक देश या किसी एक निवेश विचार तक सीमित नहीं रहेगा। वहीं, Waterfield Global Fixed Income Fund का फोकस वैश्विक डेट और फिक्स्ड इनकम एसेट्स पर रहेगा। दोनों फंड सक्रिय और शोध आधारित निवेश रणनीति के तहत काम करेंगे।
Waterfield Advisors के अनुसार, इन फंड का उद्देश्य भारतीय निवेशकों को उनके मौजूदा भारतीय पोर्टफोलियो के साथ अंतरराष्ट्रीय निवेश जोड़ने में मदद करना है, न कि भारतीय निवेश को पूरी तरह बदलना। दोनों फंड गुजरात के गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) में स्थित हैं। ये विदेशी मुद्रा में काम करेंगे और इनमें स्वतंत्र कस्टडी तथा थर्ड-पार्टी प्रशासन की व्यवस्था होगी।
फर्म के अनुसार, वैश्विक इक्विटी बाजार के कुल बाजार पूंजीकरण में भारत की हिस्सेदारी करीब 3 प्रतिशत है। ऐसे में केवल भारतीय परिसंपत्तियों में निवेश करने वाले पोर्टफोलियो में एक ही बाजार और मुद्रा पर निर्भरता का जोखिम बढ़ सकता है। Waterfield ने सेमीकंडक्टर्स, AI Infrastructure, Aerospace और Global Pharmaceuticals जैसे क्षेत्रों को विदेशों में निवेश के संभावित अवसरों के रूप में बताया है। फर्म ने फैमिली ऑफिस पोर्टफोलियो के लिए वैश्विक परिसंपत्तियों में कम से कम 10 प्रतिशत निवेश की सिफारिश भी की है, जिसे समय-समय पर दोबारा संतुलित किया जाना चाहिए।
भारतीय निवासी आरबीआई की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत सीधे विदेशी बाजारों में निवेश कर सकते हैं। इस योजना के तहत एक वित्तीय वर्ष में 2,50,000 अमेरिकी डॉलर तक धन भेजने की अनुमति है। Waterfield के GIFT City फंड निवेशकों को इसका एक वैकल्पिक माध्यम उपलब्ध कराते हैं। इसके तहत निवेशकों को अलग-अलग विदेशी ब्रोकरेज खाते खोलने की जरूरत नहीं होगी और वे सामूहिक निवेश माध्यम के जरिए वैश्विक बाजारों में निवेश कर सकेंगे।
Waterfield Advisors की फाउंडर और सीईओ सौम्या राजन ने कहा कि इन फंड को ऐसे ग्राहकों की जरूरत को देखते हुए लॉन्च किया गया है, जो वैश्विक बाजारों तक पहुंच चाहते हैं और साथ ही एक व्यवस्थित निवेश तथा प्रशासनिक ढांचा बनाए रखना चाहते हैं।