क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto करीब 11,000 करोड़ रुपये का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की तैयारी कर रहा है। जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, कंपनी जुलाई में शेयर बाजार में लिस्ट होने की योजना बना रही है। अगर यह IPO पूरा हो जाता है, तो Zepto भी अपने प्रतिस्पर्धियों Zomato और Swiggy की तरह शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल हो जाएगा।
बेंगलुरु में स्थित इस स्टार्टअप को हाल ही में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से अपने पब्लिक इश्यू के लिए मंजूरी मिली है। कंपनी जल्द ही अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) दाखिल कर सकती है। Zepto ने दिसंबर 2025 में गोपनीय फाइलिंग प्रक्रिया के तहत IPO से जुड़े दस्तावेज जमा किए थे। सूत्रों के मुताबिक कंपनी 31 जुलाई से पहले अपनी लिस्टिंग पूरी करना चाहती है।
आदित पालीचा (Aadit Palicha) और कैवल्य वोहरा (Kaivalya Vohra) द्वारा स्थापित Zepto ने अपने प्रतिद्वंद्वियों से अलग ग्रोथ रणनीति अपनाई है। ब्रोकरेज फर्म Bernstein की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी नए शहरों में तेजी से विस्तार करने के बजाय मौजूदा बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
इस समय Zepto के 61 शहरों में 1,255 डार्क स्टोर्स हैं। वहीं, प्रतिस्पर्धी Blinkit के 240 से ज्यादा शहरों में 2,200 से अधिक स्टोर्स मौजूद हैं। हालांकि, Zepto के प्रति शहर औसतन करीब 21 स्टोर्स हैं, जबकि उसके प्रतिद्वंद्वियों के पास यह संख्या लगभग 9 है। यह रणनीति घने शहरी बाजारों पर फोकस को दर्शाती है, जहां तेज डिलीवरी और ज्यादा ऑर्डर कंपनी की कार्यक्षमता बढ़ा सकते हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Zepto का स्टोर-टू-पिनकोड अनुपात इस सेक्टर में सबसे ज्यादा है। इससे पता चलता है कि कंपनी चुनिंदा बाजारों में अपनी गहरी पकड़ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य नए क्षेत्रों में तेजी से विस्तार करने के बजाय चुनिंदा शहरों में ग्राहक जुड़ाव और संचालन क्षमता को मजबूत करना है।
Zepto की शेयर बाजार में आने की योजना से पहले कंपनी को निजी निवेशकों से बड़ा फंड भी मिला है। अक्टूबर 2025 में कंपनी ने 7 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 450 मिलियन डॉलर (करीब 3,757.5 करोड़ रुपये) जुटाए थे। इससे पहले 2023 में कंपनी ने 200 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल कर यूनिकॉर्न का दर्जा प्राप्त किया था।