साल 1993 में जब शशि किरण शेट्टी ने एक फोर्कलिफ्ट और एक स्पष्ट सपने के साथ अपनी यात्रा शुरू की, तब किसी ने नहीं सोचा था कि उनकी छोटी सी लॉजिस्टिक्स कंपनी एक दिन कई महाद्वीपों में काम करेगी। उन्हें आगे बढ़ाने वाली ताकत थी- शांत दृढ़ता, हर दिन सीखने की इच्छा और यह विश्वास कि एक भारतीय कंपनी भी वैश्विक पहचान बना सकती है।
नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालते ही वैष्णव शेट्टी ने परंपरा और तकनीक को साथ जोड़ने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, “हमारा फोकस तकनीक और डेटा के जरिए समूह का विस्तार करना है, लेकिन उन मानव-केंद्रित मूल्यों से समझौता किए बिना, जिन पर इस संगठन की नींव रखी गई है।” अनुभवी नेतृत्व के साथ काम करते हुए उन्होंने पुराने अनुभव और नई डिजिटल संभावनाओं के बीच संतुलन बनाया।
डिजिटल बदलाव पर उनका जोर लॉजिस्टिक्स के बदलते स्वरूप से जुड़ा है। उन्होंने कहा, “आज लॉजिस्टिक्स गति, सटीकता और पारदर्शिता पर निर्भर है। वैश्विक नेटवर्क में इसे लगातार बनाए रखने का एकमात्र तरीका तकनीक है।” उनका मानना है कि डेटा और एआई आधारित टूल्स सप्लाई चेन और ग्राहकों के अनुभव को पूरी तरह बदल देंगे।
वैष्णव शेट्टी (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, ECU वर्ल्डवाइड और चीफ डिजिटल ऑफिसर, ऑलकार्गो ग्रुप) कहते हैं, “मेरे पिता की यात्रा हमेशा स्पष्ट उद्देश्य और इस असाधारण विश्वास से जुड़ी रही कि एक भारतीय कंपनी वैश्विक लॉजिस्टिक्स में अपनी पहचान बना सकती है।” उन्होंने बचपन से अपने पिता को बंदरगाहों की यात्राएं करते, रिश्ते बनाते और सही समय पर साहसिक फैसले लेते देखा। “उनका सिद्धांत सरल था- जमीन से जुड़े रहो, सीखने की भूख बनाए रखो और लंबे समय के लिए निर्माण करो।”
शुरुआती वर्षों ने कंपनी के साथ-साथ अगली पीढ़ी को भी गढ़ा। वैष्णव बताते हैं कि व्यवसाय में आने से पहले ही उन्होंने कई अहम सीखें हासिल कर ली थीं। “सबसे बड़ा सबक यह था कि सीखना कभी खत्म नहीं होता और बदलाव हमेशा बना रहता है।” उन्होंने अपने पिता को चुनौतियों का सामना सकारात्मक सोच के साथ करते देखा, जो उनकी नेतृत्व शैली का हिस्सा बन गया।
पारिवारिक मूल्य बड़े फैसलों में भी झलके, जैसे कठिन परिस्थितियों में भी ऑलकार्गो द्वारा ECU लाइन का अधिग्रहण। उन्होंने कहा, “यह हमारे परिवार के एक मूल सिद्धांत को दर्शाता है- तात्कालिक मुश्किलों से आगे देखकर अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना।”
कंपनी के वैश्विक विस्तार के बावजूद उसकी पहचान भारतीय जड़ों से जुड़ी रही। वैष्णव कहते हैं, “हम भारत में जन्मी एक वैश्विक कंपनी हैं,” और उनका मानना है कि वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भूमिका भविष्य को आकार देगी।
आगे की ओर देखते हुए उनका दृष्टिकोण स्पष्ट है। वे कहते हैं, “लंबी अवधि में हमारा फोकस लगातार सीखते रहने, उद्देश्य के साथ निर्माण करने और संगठन को विकास के अगले चरण के लिए तैयार करने पर है, साथ ही उन मूल्यों के प्रति सच्चे रहना है जिन्होंने हमारी यात्रा को परिभाषित किया है।”
मुख्य तथ्य:
स्थापना: 1993
रेवेन्यू (वित्त वर्ष 2024-25): ₹16,022 करोड़
वैश्विक उपस्थिति: 180 से अधिक देशों में संचालन
प्रमुख बाजार: यूरोप, अमेरिका, मध्य पूर्व, अफ्रीका, एशिया-प्रशांत और भारत
कर्मचारी: 10,600 (4,600 स्थायी और लगभग 6,000 अनुबंध/आउटसोर्स)
प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहण और उपलब्धियां:
2005: ECU Line में हिस्सेदारी हासिल की
2006: ECU Line का पूर्ण अधिग्रहण
2010: हांगकांग स्थित दो कंपनियों का अधिग्रहण
2013: Econocaribe Consolidators (अमेरिका) का अधिग्रहण
2014: रॉटरडैम स्थित FCL Marine Agencies में बहुलांश हिस्सेदारी
2016: ECU Line का नाम बदलकर ECU Worldwide किया गया
2021: नॉर्डिक क्षेत्र की प्रमुख ओशन फ्रेट कंपनी Nordicon के साथ संयुक्त उपक्रम
2022: जर्मनी की Fair Trade GmbH Schiffahrt, Handel und Logistik का अधिग्रहण