इस परियोजना से भारत की सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमता मजबूत होगी और देश को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मदद मिलेगी। साथ ही विशाखापत्तनम के तारलुवाडा में बनने वाली यह यूनिट सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और टेस्टिंग पर केंद्रित होगी। यहां तैयार होने वाले उत्पादों का उपयोग ऑटोमोबाइल, दूरसंचार, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन को मिलेगी नई मजबूती
यह परियोजना इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत सेमीकंडक्टर इकाइयों में शामिल है। केंद्र सरकार का यह प्रमुख कार्यक्रम चिप डिजाइन, निर्माण, असेंबली और पैकेजिंग सहित देश में एक मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने पर केंद्रित है। आंध्र प्रदेश की यह यूनिट भारत की सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करेगी और क्षेत्र में बड़ी संख्या में कुशल रोजगार भी पैदा करेगी।
प्रधानमंत्री ने इस यूनिट की आधारशिला उस कार्यक्रम के दौरान रखी, जिसमें उन्होंने आंध्र प्रदेश में लगभग 18,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन और विमानन जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी हैं।