HCLTech ने ओडिशा सरकार और Sarvam के साथ साझेदारी में ओडिशा के आगामी Sovereign AI Park में अपना पहला AI Data Center स्थापित करने की घोषणा की है। इस परियोजना पर ₹14,257 करोड़ का निवेश किया जाएगा, जिसमें ओडिशा सरकार की वित्तीय सहायता भी शामिल होगी।
इस पहल का उद्देश्य HCLTech की फुल-स्टैक AI क्षमताओं और Sarvam के फाउंडेशन AI मॉडल्स को जोड़कर भारत के सॉवरेन AI इकोसिस्टम को मजबूत बनाना है। इसके तहत सरकारी और निजी क्षेत्र के लिए विभिन्न उद्योगों की जरूरतों के अनुसार AI समाधान विकसित किए जाएंगे। साथ ही बहुभाषी (Multilingual) AI सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा और देश की डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) से जुड़ी आवश्यकताओं को भी पूरा किया जाएगा।
इस साझेदारी के महत्व पर HCLTech के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर सी. विजयकुमार ने कहा, "यह हमारी फुल-स्टैक AI रणनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे सॉवरेन AI समाधानों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी और Sarvam के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलेगी। बेहतर बुनियादी ढांचे और प्रगतिशील नीतियों के कारण ओडिशा इस परियोजना के लिए एक उपयुक्त स्थान है।"
इस परियोजना के लिए HCLTech, ओडिशा सरकार और Sarvam के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग, HCLTech की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा, HCLTech के CEO एवं MD सी. विजयकुमार और Sarvam के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार मौजूद रहे।
HCLTech की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने कहा, "HCLTech लंबे समय से भारत के टेक्नोलॉजी क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप हम निवेश और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से भारत के सॉवरेन AI इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ओडिशा सरकार और Sarvam के साथ इस पहल की शुरुआत करते हुए हमें खुशी हो रही है।"
Sarvam के, को-फाउंडर प्रत्युष कुमार ने कहा, "ओडिशा सॉवरेन AI पार्क हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को भारतीय AI मॉडल्स और वास्तविक उपयोग मामलों से जोड़ेगा। HCLTech के साथ मिलकर हम Sarvam की फुल-स्टैक AI क्षमताओं को बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी संस्थानों तक पहुंचाने के लिए उत्साहित हैं।"
यह निवेश ऐसे समय में किया जा रहा है जब भारत का डेटा सेंटर उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है। डिजिटल अर्थव्यवस्था के बढ़ते आकार, डेटा लोकलाइजेशन की जरूरत और AI प्रशिक्षण व इन्फरेंस के लिए GPU आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग इस क्षेत्र की वृद्धि को गति दे रही है।