RCPL के जरिए 2030 तक ₹1 लाख करोड़ का FMCG कारोबार खड़ा करने का लक्ष्य: Reliance

RCPL के जरिए 2030 तक ₹1 लाख करोड़ का FMCG कारोबार खड़ा करने का लक्ष्य: Reliance

RCPL के जरिए 2030 तक ₹1 लाख करोड़ का FMCG कारोबार खड़ा करने का लक्ष्य: Reliance
कंपनी पेय पदार्थ, दैनिक उपयोग की वस्तुओं, पैकेज्ड फूड्स तथा होम और पर्सनल केयर उत्पादों सहित कई श्रेणियों में अपने उपभोक्ता उत्पाद पोर्टफोलियो का तेजी से विस्तार कर रही है।


रिलायंस इंडस्ट्रीज की फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) इकाई रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने अगले चार वर्षों में ₹1 लाख करोड़ (लगभग 10.5 अरब अमेरिकी डॉलर) के राजस्व का लक्ष्य रखा है। कंपनी भारत की अग्रणी FMCG कंपनियों में अपनी जगह मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। यह जानकारी रिलायंस रिटेल की निदेशक ईशा अंबानी ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में दी।

ईशा अंबानी ने कहा कि RCPL “भारत के इतिहास का सबसे तेजी से बढ़ने वाला FMCG प्लेटफॉर्म” बन चुका है। कंपनी ने ₹22,000 करोड़ (लगभग 2.3 अरब डॉलर) का सकल राजस्व हासिल किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना है। उन्होंने आगे कहा, “जिस उपलब्धि को हासिल करने में अन्य कंपनियों को दशकों लग गए, उसे हमने केवल चार वर्षों में प्राप्त कर लिया। इससे हम भारत के सबसे तेजी से बढ़ते FMCG प्लेटफॉर्म और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती उपभोक्ता उत्पाद कंपनियों में शामिल हो गए हैं।”

कई श्रेणियों में तेजी से विस्तार

कंपनी पेय पदार्थों, खाद्य सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुओं, पैकेज्ड फूड्स, होम और पर्सनल केयर उत्पादों सहित कई श्रेणियों में अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। वहीं ईशा अंबानी ने कहा, “RCPL का निकट भविष्य का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 तक ₹1 लाख करोड़ का राजस्व हासिल करना है। हमारा दीर्घकालिक लक्ष्य भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में शामिल होना और वैश्विक स्तर पर मजबूत उपस्थिति बनाना है।”

दिसंबर 2025 में RCPL को रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) से अलग कर दिया गया था। अब यह रिलायंस इंडस्ट्रीज की प्रत्यक्ष सहायक कंपनी के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने आगे कहा, “अपने बाजार, अपने उपभोक्ताओं और अपने लक्ष्यों पर पूरी तरह केंद्रित रहने के कारण हमें वही परिणाम मिले हैं, जिसकी हमने कल्पना की थी।”

40 से अधिक देशों तक पहुंच

ईशा अंबानी के अनुसार, RCPL के उत्पाद अब निर्यात और फ्रेंचाइज़ बिक्री के माध्यम से 40 से अधिक देशों में उपलब्ध हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा, “तीन साल पहले हमने यह विश्वास किया था कि भारत वैश्विक गुणवत्ता वाले FMCG ब्रांड बना सकता है, उन्हें भारतीय कीमतों पर उपलब्ध करा सकता है और उम्मीद से कहीं अधिक तेजी से उनका विस्तार कर सकता है। RCPL ने यह करके दिखाया है। हमने शून्य से एक राष्ट्रीय FMCG कंपनी खड़ी की और एक ही वर्ष में अपना राजस्व दोगुना कर लिया।”

ईशा अंबानी ने यह भी कहा कि अन्य FMCG कंपनियों की तरह RCPL को भी भू-राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कच्चे माल और पैकेजिंग की लागत बढ़ी है तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।

उपभोक्ताओं पर नहीं डाला अतिरिक्त लागत का बोझ

ईशा अंबानी ने कहा कि कंपनी ने इन बढ़ी हुई लागतों का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला। साथ ही उन्होंने यह भी कहा “हमने इन चुनौतियों का पूरा असर खुद कंपनी के भीतर संभाला। उपभोक्ता-प्रथम दृष्टिकोण पर कायम रहते हुए हमने यह सुनिश्चित किया कि हमारे उत्पाद हर भारतीय परिवार के लिए सुलभ और किफायती बने रहें।”

कंपनी के पेय पदार्थ ब्रांड कैंपा ने वित्त वर्ष 2026 में ₹4,700 करोड़ से अधिक की सकल बिक्री दर्ज की। इसके साथ ही यह भारत का चौथा सबसे बड़ा कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड बन गया और कई प्रमुख बाजारों में दो अंकों की बाजार हिस्सेदारी हासिल की। पैकेज्ड पेयजल क्षेत्र में भी कंपनी ने तेजी से विस्तार किया है और अब वह देश की तीसरी सबसे बड़ी ब्रांडेड वाटर कंपनी बन गई है।

इंडिपेंडेंस ब्रांड बना भरोसेमंद नाम

RCPL के किराना ब्रांड इंडिपेंडेंस, जिसके तहत दैनिक उपयोग की वस्तुएं बेची जाती हैं, ने वित्त वर्ष 2026 में ₹2,600 करोड़ का रेवेन्यू अर्जित किया। ईशा अंबानी के अनुसार, यह देश के सबसे भरोसेमंद उपभोक्ता ब्रांडों में से एक बन चुका है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का पेय पदार्थ कारोबार 3.2 गुना बढ़ा, जबकि दैनिक उपयोग की वस्तुओं का कारोबार 1.6 गुना और होम एवं पर्सनल केयर श्रेणी 1.3 गुना बढ़ी।

ईशा अंबानी ने कहा कि रिलायंस रिटेल और RCPL मिलकर एक एकीकृत मंच तैयार करते हैं, जिसमें विनिर्माण, वितरण, ब्रांड, वाणिज्य और उपभोक्ता जुड़ाव जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं।

अगले दशक के लिए बड़ा विजन

उन्होंने कहा, “अगले दशक के लिए हमारी महत्वाकांक्षा केवल दुनिया का सबसे बड़ा रिटेलर बनना नहीं है।” साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि समूह का मुख्य फोकस भारत में बड़े पैमाने पर उपभोक्ता और विनिर्माण आधारित व्यवसायों का निर्माण करना है, जो देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

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