यह केंद्र निर्यातकों के लिए कस्टम्स प्रक्रियाओं को अधिक सुगम और तेज़ बनाने में मदद करेगा।
इस उद्घाटन कार्यक्रम की मेजबानी SEEPZ-SEZ के जोनल डेवलपमेंट कमिश्नर श्री ज्ञानेश्वर बी. पाटिल (IAS) ने की। कार्यक्रम में श्री मयूर आर. मंकार (IRS), संयुक्त विकास आयुक्त, SEEPZ और डॉ. संदीप डी. भोसले (IRS), उप विकास आयुक्त, SEEPZ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में रत्न एवं आभूषण उद्योग से जुड़े कई प्रमुख प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इनमें किरिट भंसाली, अध्यक्ष, GJEPC, शौनक पारिख, उपाध्यक्ष, GJEPC, आदिल कोटवाल, अध्यक्ष, SGJMA, कोलिन शाह, अध्यक्ष – वर्किंग ग्रुप, भारत रत्नम मेगा CFC, और विजय गुजराती, अध्यक्ष, SEEMA सहित व्यापार एवं उद्योग जगत के कई सदस्य शामिल थे।
निर्यातकों को मिलेगी आधुनिक सुविधाएं
उद्घाटन के अवसर पर श्री जितिन प्रसाद ने कहा कि कस्टम्स एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर बदलते समय के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह विश्वस्तरीय सुविधा विशेष रूप से छोटे निर्यातकों के लिए लाभदायक साबित होगी, क्योंकि इससे लॉजिस्टिक्स प्रक्रियाएं बेहतर होंगी और क्लीयरेंस में लगने वाला समय कम होगा।
उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पीछे नहीं रह सकता और इस प्रकार की आधुनिक अवसंरचना देश के निर्यात तंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी बढ़ाएगी। उन्होंने गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि स्थिर सरकार और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ भारत वैश्विक व्यापार और विनिर्माण क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
रत्न एवं आभूषण उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ
GJEPC के अध्यक्ष किरिट भंसाली ने कहा कि भारत रत्नम मेगा CFC को FTWZ ब्रॉड-बैंडिंग की मंजूरी मिलना भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि इससे मेगा CFC एक वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में विकसित होगा, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की वेयरहाउसिंग, उत्पाद प्रदर्शन और प्रदर्शनियों की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इससे वैश्विक भागीदारी बढ़ेगी, MSME इकाइयों के लिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा होंगे और भारत रत्न एवं आभूषण निर्माण, सोर्सिंग और व्यापार के लिए एक पसंदीदा वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
उन्होंने विश्वस्तरीय अवसंरचना विकसित करने और उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए भारत सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी कस्टम्स सेवाएं
नया कस्टम्स एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर (CEIFC) एक आधुनिक सिंगल-विंडो सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य निर्यात और आयात से जुड़ी प्रमुख कस्टम्स प्रक्रियाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है, जिससे व्यापारियों और निर्यातकों का समय और लागत दोनों कम हो सकें।
यह केंद्र कस्टम्स जांच, मूल्यवान माल की सुरक्षित हैंडलिंग तथा ई-कॉमर्स से संबंधित गतिविधियों के लिए विशेष सुविधाओं से सुसज्जित है। आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रक्रियाओं के माध्यम से यह केंद्र व्यापार को अधिक सुगम, पारदर्शी और तेज़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आधुनिक व्यापारिक अवसंरचना भारत के निर्यात क्षेत्र को नई गति देने, छोटे और मध्यम निर्यातकों को सशक्त बनाने तथा देश को वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।