एयर इंडिया अब एक नए नेतृत्व चरण में पहुंच गई है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने कैंपबेल विल्सन की जगह तेवोल्डे गेब्रेमारियम (Tewolde Gebremariam) को CEO नियुक्त किया है। एविएशन सेक्टर में लंबे अनुभव और मजबूत परिचालन क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले गेब्रेमारियम अब एयर इंडिया को विकास के अगले चरण तक ले जाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
वर्तमान में एयर इंडिया के पास 191 विमानों का बेड़ा है और चार एयरलाइनों के एकीकरण के बाद कंपनी अब दो प्रमुख ब्रांड्स के साथ काम कर रही है। ऐसे समय में गेब्रेमारियम की नियुक्ति कंपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आइए जानते हैं उनके बारे में 5 खास बातें।
1. करियर की शुरुआत
तेवोल्डे गेब्रेमारियम का पूरा एविएशन करियर लगभग इथियोपियन एयरलाइंस से जुड़ा रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कंपनी में विभिन्न कमर्शियल और ऑपरेशनल भूमिकाओं से की और बाद में ग्रुप CEO बने। अपने शुरुआती करियर के दौरान उन्होंने भारत में भी काम किया, जिससे उन्हें भारतीय विमानन बाजार की अच्छी समझ मिली। माना जाता है कि जमीनी स्तर से मिली यही अनुभव उन्हें एक व्यावहारिक और प्रभावी नेता बनाता है।
2. एक दशक तक इथियोपियन एयरलाइंस का सफल नेतृत्व
गेब्रेमारियम ने 10 वर्षों से अधिक समय तक Ethiopian Airlines Group के CEO के रूप में कार्य किया। उनके नेतृत्व में एयरलाइन ने जबरदस्त विकास किया और अफ्रीका की सबसे बड़ी एवं सबसे लाभदायक एयरलाइन समूहों में शामिल हो गई।
इथियोपियन एयरलाइंस के अनुसार, उनके कार्यकाल में कंपनी का वार्षिक कारोबार 1 अरब डॉलर से बढ़कर 4.5 अरब डॉलर हो गया। वहीं, विमान बेड़ा 33 से बढ़कर 130 विमानों तक पहुंच गया और कोविड-19 महामारी से पहले यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 1.2 करोड़ हो गई।
3. प्रमुख उपलब्धियां
तेवोल्डे गेब्रेमारियम को दुनिया के सफल एयरलाइन प्रमुखों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में इथियोपियन एयरलाइंस की आय चार गुना से अधिक बढ़ी और कंपनी का विमान बेड़ा लगभग तीन गुना हो गया।
उन्होंने केवल विमानों की संख्या नहीं बढ़ाई, बल्कि वैश्विक हब, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) सुविधाओं और विश्वस्तरीय एविएशन ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विकास किया। एयर इंडिया भी भविष्य में इसी तरह की क्षमताएं विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
4. उनकी नियुक्ति क्यों है महत्वपूर्ण?
तेवोल्डे गेब्रेमारियम ऐसे समय में एयर इंडिया की कमान संभाल रहे हैं, जब कंपनी शुरुआती पुनर्गठन (Turnaround) चरण से आगे बढ़कर तेज विकास और अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर ध्यान दे रही है।
एयर इंडिया के बोर्ड ने आंतरिक और बाहरी उम्मीदवारों का वैश्विक स्तर पर मूल्यांकन करने के बाद उन्हें चुना। बोर्ड का मानना है कि दुनिया की सबसे सफल एयरलाइन कंपनियों में से एक को नेतृत्व देने का उनका अनुभव एयर इंडिया की अगली विकास यात्रा के लिए बेहद उपयुक्त है। उनकी प्राथमिकताओं में परिचालन दक्षता, सुरक्षा और मजबूत एविएशन हब का विकास शामिल होगा।
5. एयर इंडिया में उनकी नई जिम्मेदारी
CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में गेब्रेमारियम एयर इंडिया के संपूर्ण संचालन और रणनीतिक दिशा का नेतृत्व करेंगे। उनका लक्ष्य कंपनी की परिचालन विश्वसनीयता, समय पर उड़ानें (On-Time Performance), आधुनिक विमान, बेहतर ग्राहक अनुभव और वैश्विक कनेक्टिविटी को मजबूत करना होगा। वे एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन, निदेशक मंडल, कर्मचारियों और सरकारी एवं उद्योग साझेदारों के साथ मिलकर कंपनी को एक मजबूत, लाभदायक और विश्वस्तरीय वैश्विक एयरलाइन बनाने की दिशा में काम करेंगे।
पदभार संभालने के बाद तेवोल्डे गेब्रेमारियम ने कहा, "एयर इंडिया का नेतृत्व करना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। एयर इंडिया की एक समृद्ध विरासत है और भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के अनुरूप इसे विश्वस्तरीय वैश्विक एयरलाइन बनाना बेहद रोमांचक अवसर है। मैं चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन, बोर्ड, कर्मचारियों और सभी सरकारी एवं उद्योग साझेदारों के साथ मिलकर परिचालन विश्वसनीयता, भारतीय आतिथ्य और निरंतर विकास सुनिश्चित करने के लिए काम करूंगा।"