अमारा राजा 2027 तक बड़े पैमाने पर सेल उत्पादन शुरू करेगी

अमारा राजा 2027 तक बड़े पैमाने पर सेल उत्पादन शुरू करेगी

अमारा राजा 2027 तक बड़े पैमाने पर सेल उत्पादन शुरू करेगी
भारत में लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग धीरे-धीरे बढ़ रही है, लेकिन शुरुआती दौर में लोकल सेल आयातित सेल्स से करीब 15% महंगे रह सकते हैं।

अमारा राजा एनर्जी एंड मोबिलिटी (Amara Raja Energy & Mobility)  के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विक्रम गौरीनेनी के अनुसार, भारत में लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम धीरे-धीरे विकसित हो रहा है, लेकिन इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत में तुरंत राहत मिलने की संभावना नहीं है। शुरुआती चरण में स्थानीय स्तर पर बने सेल आयातित सेल्स की तुलना में कम से कम 15% महंगे हो सकते हैं, क्योंकि कच्चे माल से लेकर कंपोनेंट्स तक का पूरा सप्लाई चेन विकसित होने में समय लगेगा।

उन्होंने कहा कि जब तक घरेलू निर्माता 8–10 GWh का उत्पादन स्तर हासिल नहीं कर लेते और उनके आसपास मजबूत सप्लाई चेन तैयार नहीं हो जाती, तब तक ईवी  निर्माताओं के लिए लागत के लिहाज से स्थिति अनुकूल नहीं होगी।

अमारा राजा ने 2027 तक अपने पहले बड़े पैमाने पर लिथियम-आयन सेल उत्पादन की योजना बनाई है, जिससे वह Ola Electric के बाद देश में स्थानीय सेल निर्माण शुरू करने वाली दूसरी कंपनी बन सकती है। कंपनी इस साल मेगावाट-घंटे स्तर पर उत्पादन शुरू करेगी और भारतीय ग्राहकों को कमर्शियल सैंपल सप्लाई करेगी, जबकि 2027 में 2 GWh क्षमता वाली पहली गीगाफैक्ट्री से बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू होगा, जो मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक दोपहिया सेगमेंट को सपोर्ट करेगा।

डिमांड रिस्क को कम करने के लिए कंपनी पावर टूल्स और लॉन-गार्डन उपकरण जैसे अन्य क्षेत्रों में भी सप्लाई करने की योजना बना रही है। वहीं,  टाटा ग्रुप (Tata Group)  की कंपनी अग्रतास (Agratas) भी गुजरात में इसी अवधि में अपना प्लांट शुरू कर सकती है।

अमारा राजा ने 2032 तक लिथियम-आयन सेल और बैटरी पैक मैन्युफैक्चरिंग के लिए 10,000 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है। कंपनी की शुरुआती क्षमता 16 GWh तय की गई थी, लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए इसमें वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, हालांकि कच्चे माल और तकनीक की उपलब्धता चुनौती बनी रह सकती है।

हाल ही में कंपनी ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर के 50,000 टेलीकॉम साइट्स पर कुल 1 GWh लिथियम एनर्जी स्टोरेज तैनात किया है। साथ ही, कंपनी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए प्रस्तावित 16 GWh क्षमता को मोबिलिटी और एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस (ESS) के बीच बराबर-बराबर बांटने का फैसला किया है।

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