भारत फोर्ज ने EV कारोबार में 450 करोड़ रुपये का इम्पेयरमेंट लिया

भारत फोर्ज ने EV कारोबार में 450 करोड़ रुपये का इम्पेयरमेंट लिया

भारत फोर्ज ने EV कारोबार में 450 करोड़ रुपये का इम्पेयरमेंट लिया
भारत फोर्ज ने KPTL के ई-मोबिलिटी डिवीजन में अपने निवेश पर 450 करोड़ का इम्पेयरमेंट दर्ज करते हुए वैश्विक ईवी रणनीति की समीक्षा शुरू की है।

भारत फोर्ज लिमिटेड (Bharat Forge Ltd) ने अपनी सहयोगी कंपनी KPTL के ई-मोबिलिटी डिवीजन में किए गए निवेश पर 450 करोड़ रुपये का इम्पेयरमेंट दर्ज किया है। कंपनी ने यह कदम वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपेक्षा से धीमी मांग, नीतिगत अनिश्चितता और चीनी कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी ईवी रणनीति की समीक्षा के तहत उठाया है।

कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बाबा कल्याणी ने कहा कि यह इम्पेयरमेंट ईवी अवसरों को नए दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता को दर्शाता है, क्योंकि वैश्विक ईवी अपनाने की गति पहले के अनुमान से काफी अलग रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में ईवी रणनीतियों का पुनर्मूल्यांकन हो रहा है, जबकि चीन इस क्षेत्र में लगातार आक्रामक विस्तार कर रहा है।

हालांकि, भारत फोर्ज ने स्पष्ट किया कि वह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर से पूरी तरह बाहर नहीं हो रही है। कंपनी की सहयोगी K-Drive Mobility अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को नए सिरे से तैयार कर रही है और मीडियम व हेवी कमर्शियल व्हीकल्स के अलावा लाइट कमर्शियल व्हीकल्स के लिए चार नए EV प्लेटफॉर्म के ऑर्डर हासिल किए हैं।

कंपनी ने यूरोप में सीडीपी भारत फोर्ज (CDP Bharat Forge) के स्टील व्यवसाय के पुनर्गठन की भी घोषणा की है। यह प्रक्रिया 15 से 18 महीनों में पूरी होने की उम्मीद है और 2027 के अंत तक इसके समाप्त होने का लक्ष्य रखा गया है। प्रबंधन के अनुसार, इस पुनर्गठन के जरिए यूरोप में परिचालन लागत घटाने और वैकल्पिक व्यावसायिक अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

वित्तीय परफॉरमेंस की बात करें तो Bharat Forge ने Q4FY26 में मजबूत रिकवरी दर्ज की। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का राजस्व तिमाही-दर-तिमाही 8.5% बढ़कर 2,260.5 करोड़ पहुंच गया, जबकि EBITDA 7.2% बढ़कर 610.3 करोड़ रुपये रहा। घरेलू कारोबार में मजबूत कमर्शियल व्हीकल मांग, GST से जुड़े डिमांड ट्रेंड और पैसेंजर व्हीकल उत्पादन ने वृद्धि को समर्थन दिया।

निर्यात कारोबार में भी सुधार देखने को मिला, जहां Q4FY26 में एक्सपोर्ट रेवेन्यू 19.2% बढ़कर ₹1,084.4 करोड़ पहुंच गया। हालांकि पूरे FY26 में निर्यात राजस्व 15.2% घटा, जिसका मुख्य कारण उत्तर अमेरिकी ट्रक बाजार में कमजोर मांग और ऑयल-गैस सेक्टर में सुस्ती रही।

वित्तीय वर्ष 27 (FY27) को लेकर कंपनी आशावादी बनी हुई है। बाबा कल्याणी ने कहा कि यदि कोई बड़ा भू-राजनीतिक संकट नहीं आता है, तो भारतीय मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस में FY27 के दौरान लगभग 25% राजस्व वृद्धि और बेहतर लाभप्रदता हासिल होने की उम्मीद है। कंपनी अगले 15-18 महीनों में फोर्जिंग, कास्टिंग और प्रोडक्ट प्लेटफॉर्म्स पर ₹800-850 करोड़ का पूंजीगत निवेश भी करेगी।

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