बजट 2026 में बड़ा ऐलान: 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था

बजट 2026 में बड़ा ऐलान: 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था

बजट 2026 में बड़ा ऐलान: 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था
इन टाउनशिप में छात्रों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी। बड़े रिहायशी परिसर बनाए जाएंगे, ताकि दूसरे शहरों से आने वाले छात्रों को रहने में कोई दिक्कत न हो।


बजट 2026-27 में शिक्षा के लिए बड़ी घोषणा:
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जाएंगी। ये टाउनशिप बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास विकसित की जाएंगी। इससे वहां पढ़ने वाले छात्रों को सीधा फायदा मिलेगा। इस योजना का मकसद शिक्षा को उद्योग और रोजगार से जोड़ना है।

सरकार ने बताया कि इन यूनिवर्सिटी टाउनशिप को बनाने में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करेंगी। विश्वविद्यालय बनाने, जरूरी ढांचा तैयार करने और सुविधाएं विकसित करने में राज्यों को मदद दी जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि हर क्षेत्र की जरूरत के अनुसार मजबूत और आधुनिक शिक्षा संस्थान तैयार हों। सबसे खास बात है कि इन टाउनशिप में छात्रों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी और बड़े रिहायशी परिसर बनाए जाएंगे, ताकि दूसरे शहरों से आने वाले छात्रों को रहने में कोई दिक्कत न हो।

नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप में छात्रों को मिलेगी स्किल ट्रेनिंग की सुविधा

वित्त मंत्री ने कहा कि इन विश्वविद्यालयों में स्किल सेंटर बनाए जाएंगे, जहां पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके अलावा यहां हाईटेक लैब, आधुनिक कॉलेज, रिसर्च सेंटर और इनोवेशन हब होंगे। छात्रों और रिसर्च करने वालों को नई तकनीक और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे रिसर्च, स्टार्ट-अप और नए विचारों को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार का फोकस सिर्फ डिग्री देने पर नहीं होगा, बल्कि छात्रों को नौकरी के लिए तैयार करने पर होगा। ये पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके भी पैदा करेंगी। इससे आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और युवाओं को अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि पूर्वी भारत में एक नया नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) खोला जाएगा। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र में डिजाइन की पढ़ाई, रचनात्मक सोच और इनोवेशन को बढ़ावा देना है।

NID खुलने से छात्रों को मिलेगी वर्ल्ड-क्लास डिजाइन एजुकेशन की सुविधा 

अब तक बड़े डिजाइन संस्थान देश के कुछ ही हिस्सों में थे, जिस वजह से पूर्वी भारत के छात्रों को बाहर जाना पड़ता था या उन्हें अच्छे अवसर नहीं मिल पाते थे। नया NID खुलने से छात्रों को अपने ही इलाके में विश्वस्तरीय डिजाइन शिक्षा मिलेगी।

इस संस्थान में प्रोडक्ट डिजाइन, फैशन डिजाइन, ग्राफिक डिजाइन, इंडस्ट्रियल डिजाइन और डिजिटल डिजाइन जैसे कोर्स कराए जाएंगे। यहां से पढ़ाई करने वाले युवा नौकरी के साथ-साथ अपना स्टार्ट-अप शुरू करने और नए प्रोडक्ट बनाने में भी सक्षम होंगे।

सरकार का मानना है कि डिजाइन अब सिर्फ कला तक सीमित नहीं है, बल्कि यह “मेक इन इंडिया”, “स्टार्ट-अप इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसी योजनाओं का अहम हिस्सा बन चुका है। बेहतर डिजाइन से भारतीय प्रोडक्ट अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादा पसंद किए जाते हैं। नया NID इस दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

विशेषज्ञों के मुताबिक, नया NID पूर्वी भारत के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देगा। इससे स्थानीय उद्योगों को बेहतर डिजाइन सपोर्ट मिलेगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और क्षेत्रीय असंतुलन भी कम होगा। शिक्षाविदों का कहना है कि पूर्वी भारत में NID की स्थापना क्रिएटिव इंडस्ट्री को बढ़ावा देने, युवाओं को नए मौके देने और देश के संतुलित विकास की दिशा में एक अहम कदम है।


Subscribe Newsletter
Submit your email address to receive the latest updates on news & host of opportunities