ब्लू क्लाउड सॉफ्टेक सॉल्यूशंस लिमिटेड (BCSSL) ने भारत भर में AI-नेटिव डेटा सेंटर और डिजिटल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक निवेश करने की रणनीतिक योजना की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार, यह प्रस्तावित कार्यक्रम AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और मिशन-क्रिटिकल डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एक देशव्यापी डिजिटल बैकबोन तैयार करने के उद्देश्य से है।
कंपनी ने बताया कि इस निवेश से कई चरणों में 800 मेगावॉट तक की डेटा सेंटर क्षमता विकसित हो सकती है, जिससे BCSSL भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के बड़े खिलाड़ियों में शामिल हो सकता है। इस पहल से एंटरप्राइज डिजिटलीकरण, वैज्ञानिक अनुसंधान और राष्ट्रीय डिजिटल व सुरक्षा जरूरतों को भी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
कंपनी ने कहा कि प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर का फोकस हाइपरस्केल, एज और AI-ऑप्टिमाइज़्ड डेटा सेंटर्स पर होगा, जो बड़े शहरों और उभरते टेक्नोलॉजी कॉरिडोर्स में स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही, AI-नेटिव क्लाउड प्लेटफॉर्म भी तैयार किए जाएंगे, जो मशीन लर्निंग वर्कलोड्स, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स और रियल-टाइम एनालिटिक्स के लिए डिज़ाइन किए गए होंगे, साथ ही हाई-डेंसिटी हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और GPU क्लस्टर्स भी शामिल होंगे।
BCSSL ने बताया कि उसका दृष्टिकोण भारत में मौजूद पारंपरिक डेटा सेंटर्स से अलग है, जो मुख्य रूप से को-लोकेशन सर्विसेज़ पर केंद्रित होते हैं। प्रस्तावित सुविधाओं में AI-ऑर्केस्ट्रेटेड सिस्टम्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे वर्कलोड मैनेजमेंट, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और एनर्जी ऑप्टिमाइज़ेशन संभव हो सके।
कंपनी ने यह भी बताया कि वह हाई रैक डेंसिटी, एडवांस्ड कूलिंग टेक्नोलॉजीज़ और सॉवरेन-बाय-डिज़ाइन आर्किटेक्चर अपनाने की योजना बना रही है, ताकि डेटा रेज़िडेंसी और कंप्लायंस से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
रोडमैप के तहत, कंपनी टियर III और टियर IV सर्टिफाइड सुविधाओं पर विचार कर रही है, जिनमें मॉड्यूलर एक्सपेंशन, रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन, एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स और हाई-कैपेसिटी फाइबर कनेक्टिविटी शामिल होगी। पहला चरण FY 2026 में शुरू होने की उम्मीद है, जो नियामकीय मंज़ूरियों पर निर्भर करेगा, और भविष्य में मांग के अनुसार क्षमता बढ़ाई जाएगी।
यह प्रस्तावित प्लेटफॉर्म एंटरप्राइजेज, MSMEs, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स, सरकारी और रणनीतिक संस्थानों, साथ ही शैक्षणिक और शोध संगठनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। BCSSL ने यह भी कहा कि वह डिफेंस, स्पेस और राष्ट्रीय शोध से जुड़े उपयोग मामलों के लिए सॉवरेन और एयर-गैप्ड एनवायरनमेंट्स पर भी काम कर रही है।
BCSSL की चेयरपर्सन जानकी यारलगड्डा ने कहा, “यह दीर्घकालिक निवेश योजना भारत के लिए बुद्धिमान, सॉवरेन और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की हमारी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।” उन्होंने यह भी कहा कि चरणबद्ध दृष्टिकोण और AI-नेटिव डिज़ाइन का उद्देश्य “राष्ट्रीय रणनीतिक प्राथमिकताओं के साथ तालमेल बनाते हुए सभी हितधारकों के लिए स्थायी मूल्य प्रदान करना” है।
साल 1991 में स्थापित BCSSL भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के कई हिस्सों में काम करती है और AI-आधारित एंटरप्राइज सॉल्यूशंस, साइबर सिक्योरिटी और कनेक्टिविटी सेवाएँ प्रदान करती है।