नई पूंजी फर्म के India Seed, India Venture और APAC फंड्स के माध्यम से जुटाई गई है। इसके अलावा, फर्म अपने मौजूदा ग्रोथ फंड की अनइंवेस्टेड राशि का उपयोग करके संस्थापकों का शुरुआती चरण से लेकर लंबे समय तक स्केलिंग और पब्लिक लिस्टिंग तक समर्थन करने की योजना बना रही है।
यह फंडरेज़िंग वैश्विक लिमिटेड पार्टनर्स (LPs) का लगातार समर्थन दर्शाती है, जिनमें प्रमुख एंडोमेंट्स और फाउंडेशन शामिल हैं। यह भारत और APAC में नवाचार और उद्यमिता में दीर्घकालीन भरोसे को दिखाता है।
फर्म के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने कहा, “हम अपने लिमिटेड पार्टनर्स की लगातार प्रतिबद्धता के लिए बेहद आभारी हैं। हम जानते हैं कि हर फंडरेज़िंग हमारे LPs और संस्थापक इकोसिस्टम के प्रति जिम्मेदारी है, और हम इसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।”
Peak XV ने बताया कि इसकी निवेश टीम खुद अपने फंड्स में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है। यह कदम संस्थापकों और निवेशकों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के लिए उठाया गया है। फर्म एआई, फिनटेक और कंज़्यूमर टेक जैसे मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान बनाए रखेगी और डीप टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार करेगी।
शैलेन्द्र सिंह ने कहा, “यह भारत और APAC में टेक्नोलॉजी नवाचार के लिए एक अद्भुत समय है। अवसरों का पैमाना, प्रतिभा की गहराई और संस्थापकों की बढ़ती वैश्विक महत्वाकांक्षा इसे सबसे रोमांचक दौर बनाती है। हम उन संस्थापकों के साथ साझेदारी करना चाहते हैं जो दृष्टि, धैर्य और कार्यान्वयन के साथ टिकाऊ कंपनियां बनाते हैं।”
ET के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि फर्म सीड, वेंचर और ग्रोथ स्टेज में निवेश जारी रखेगी, और निवेश की राशि सिंगल-डिजिट मिलियन डॉलर से लेकर 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक हो सकती है। फर्म भारत-APAC कॉरिडोर को मजबूत करने के लिए अपनी क्रॉस-बॉर्डर रणनीति को भी तेज कर रही है।
Peak XV की स्थापना 20 साल पहले हुई थी और पहले इसे Sequoia Capital India & SEA के नाम से जाना जाता था। फर्म 16 फंड्स में 10 बिलियन डॉलर से अधिक का प्रबंधन करती है और 450 से अधिक कंपनियों में निवेश कर चुकी है, जिनमें 35 से अधिक IPOs और कई मर्जर और अधिग्रहण शामिल हैं।
हाल के पोर्टफोलियो में Meesho, Groww और Pine Labs की लिस्टिंग शामिल है, जबकि Zetwerk और Infra.Market पब्लिक ऑफरिंग की तैयारी कर रहे हैं।