वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल 1 फरवरी को भारत में क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों के लिए ‘टैक्स हॉलिडे’ का प्रस्ताव घोषित किया था। इस प्रस्ताव के तहत इन कंपनियों को वर्ष 2045 तक कर में छूट दी जाएगी। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह छूट उन वैश्विक कंपनियों पर लागू होगी, जो भारत में पार्टनर इकाइयों के जरिए अपनी सेवाएं संचालित कर रही हैं।
बजट 2026 से पहले उद्योग संगठन नैसकॉम ने सरकार से मांग की थी कि भारत के डेटा सेंटर्स का उपयोग करने वाली विदेशी क्लाउड सेवा कंपनियों के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं, ताकि उन्हें “स्थायी प्रतिष्ठान” (PE) मानकर अनजाने में कर देनदारी का सामना न करना पड़े।
TrueReach AI के सीईओ अमित कुमार त्यागी ने कहा कि भारतीय डेटा सेंटर्स का उपयोग करने वाली क्लाउड सेवाओं के लिए 2047 तक टैक्स छूट का प्रस्ताव और 10,300 करोड़ रुपये के इंडियाAI मिशन के तहत रियायती दरों पर कंप्यूट सुविधा उपलब्ध कराने से उच्च स्तर के नवाचार की लागत बाधाएं दूर हो गई हैं।
उन्होंने कहा “यह हमारे ‘एंट्रॉपी’ प्लेटफॉर्म के अनुरूप है, जो पहले से ही सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल (SDLC) के 90 प्रतिशत हिस्से को ऑटोमेट करता है। सरकार का 2047 तक वैश्विक सेवा बाजार में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी का लक्ष्य दिखाता है कि भारत अब सिर्फ आउटसोर्सिंग हब नहीं, बल्कि ‘एआई फैक्ट्री’ हब बन रहा है।
इसके अलावा वित्त मंत्री का सॉवरेन LMMs और 38,000 GPU की मजबूत कंप्यूट क्षमता पर जोर यह सुनिश्चित करता है कि भारतीय स्टार्टअप अब 10 गुना तेजी से प्रोडक्शन-ग्रेड सॉफ्टवेयर बना सकें और ‘मेड इन इंडिया’ इंटेलिजेंस को वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर ले जा सकें।”