केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों की सहायता के लिए अपनी टेली-काउंसलिंग और सपोर्ट सेवाओं का विस्तार करने की घोषणा की है। बोर्ड का उद्देश्य परीक्षा परिणाम के बाद छात्रों में बढ़ते तनाव, करियर से जुड़ी चिंताओं और मूल्यांकन संबंधी सवालों का समाधान उपलब्ध कराना है।
परीक्षा परिणाम और मूल्यांकन से जुड़े सवालों पर मिलेगी सहायता
सीबीएसई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा कि छात्र और अभिभावक परीक्षा परिणाम, अंक मूल्यांकन, पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया, कंपार्टमेंट परीक्षा, करियर विकल्प और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर आधिकारिक माध्यमों के जरिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
छात्रों के मानसिक तनाव कम करने व आत्मविश्वास बढ़ाने पर फोकस
बोर्ड के अनुसार, टेली-काउंसलिंग सेवा छात्रों को भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सहयोग देने के उद्देश्य से शुरू की गई है, ताकि वे परीक्षा परिणाम के बाद होने वाले तनाव और दबाव को बेहतर तरीके से संभाल सकें। इस पहल के तहत प्रशिक्षित काउंसलर, प्रिंसिपल, विशेष शिक्षक और मनोवैज्ञानिक छात्रों को फोन और ऑनलाइन माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद कई छात्र भविष्य को लेकर असमंजस और मानसिक दबाव महसूस करते हैं। ऐसे समय में सही परामर्श और भावनात्मक सहयोग छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई लगातार अपनी काउंसलिंग सेवाओं को मजबूत कर रहा है।
देश और विदेश के छात्रों को मिलेगा लाभ
सीबीएसई की यह टेली-काउंसलिंग सेवा देशभर के विद्यार्थियों के साथ-साथ विदेशों में स्थित संबद्ध स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए भी उपलब्ध होगी। छात्र हेल्पलाइन नंबर, ईमेल और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विशेषज्ञों से संपर्क कर सकेंगे। इसके अलावा बोर्ड ने स्कूलों से भी अपील की है कि वे छात्रों और अभिभावकों को मानसिक स्वास्थ्य और करियर मार्गदर्शन के प्रति जागरूक करें।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में छात्रों पर अच्छे अंक लाने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में केवल परीक्षा परिणाम ही भविष्य तय नहीं करते, बल्कि छात्रों की क्षमता, कौशल और मानसिक मजबूती भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। टेली-काउंसलिंग जैसी पहल छात्रों को सकारात्मक सोच विकसित करने और सही निर्णय लेने में मदद करती है।
आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करने की अपील
सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की भ्रमित करने वाली जानकारी से बचने के लिए छात्र और अभिभावक केवल आधिकारिक वेबसाइट और बोर्ड के सत्यापित माध्यमों का ही उपयोग करें। बोर्ड ने सभी हितधारकों से अपील की है कि परीक्षा परिणाम को लेकर अनावश्यक तनाव न लें और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग सेवाओं का लाभ उठाएं।
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य की तैयारी को मिलेगा मजबूत समर्थन
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की टेली-काउंसलिंग सेवाएं केवल परीक्षा परिणाम से जुड़े तनाव को कम करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह छात्रों को भविष्य की बेहतर योजना बनाने में भी मदद करती हैं। कई छात्र अच्छे अंक न आने या अपेक्षा से कम प्रदर्शन होने पर आत्मविश्वास खो देते हैं, ऐसे समय में सही मार्गदर्शन उन्हें सकारात्मक सोच और नए अवसरों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
सीबीएसई की यह पहल छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने, भावनात्मक संतुलन बनाए रखने और करियर से जुड़े सही निर्णय लेने में सहायता करेगी। इसके साथ ही अभिभावकों को भी यह समझने में मदद मिलेगी कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें सहयोग और प्रोत्साहन देना अधिक जरूरी है।
अत: डिजिटल शिक्षा और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में स्कूलों और शिक्षा बोर्डों की जिम्मेदारी केवल परीक्षा आयोजित करने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक विकास और समग्र व्यक्तित्व निर्माण पर भी ध्यान देना आवश्यक हो गया है। ऐसे में सीबीएसई की विस्तारित 'टेली-काउंसलिंग सेवा' छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट सिस्टम के रूप में काम करेगी, जो उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपने अगले शैक्षणिक और करियर कदम की तैयारी करने में मदद करेगी