Dairy Day ने आइसक्रीम विस्तार के लिए तेज की रणनीति

Dairy Day ने आइसक्रीम विस्तार के लिए तेज की रणनीति

Dairy Day ने आइसक्रीम विस्तार के लिए तेज की रणनीति
डेयरी अपने विस्तार और स्थिर विकास की रणनीति के साथ भारत के शीर्ष आइसक्रीम ब्रांड्स में शामिल होने की तैयारी कर रही है। कंपनी FY26 तक 1,000 करोड़ रुपये राजस्व और अगले चार वर्षों में शीर्ष तीन ब्रांड्स में जगह बनाने का लक्ष्य रखती है।

कर्नाटक आधारित आइसक्रीम निर्माता Dairy Day Ice Creams अपने विस्तार और स्थिर विकास की रणनीति को तेज कर भारत के शीर्ष आइसक्रीम ब्रांड्स में शामिल होने की तैयारी कर रही है। 24 वर्षों के संचालन के दौरान, इस दक्षिण भारत आधारित ब्रांड ने अपने उत्पादों में रोजमर्रा की मिठास और विश्वसनीयता के आधार पर पहचान बनाई है। वर्तमान में Dairy Day भारत के शीर्ष छह आइसक्रीम ब्रांड्स में शामिल है और प्रतिदिन लगभग चार लाख लीटर उत्पादन करती है।

कंपनी की लंबी अवधि की योजना ₹1,000 करोड़ राजस्व का लक्ष्य हासिल करना और भारत के सबसे पसंदीदा आइसक्रीम ब्रांडों में से एक बनना है। 2002 में आइसक्रीम विशेषज्ञ M.N. Jaganath और A. Balaraju द्वारा स्थापित Dairy Day ने 2,000 वर्ग फुट के छोटे किराए वाले स्थान से अपनी यात्रा शुरू की थी।

वर्ष 2007 में कंपनी ने 18,000 वर्ग फुट का पहला स्वामित्व वाला निर्माण संयंत्र स्थापित किया, इसके बाद 2008 में ISO प्रमाणन मिला। 2013 में बेंगलुरु के पास एक बड़े आधुनिक उत्पादन संयंत्र के कमीशन के साथ क्षमता और संचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

वर्ष 2016 में Motilal Oswal Private Equity ने ₹110 करोड़ का निवेश किया, जिससे कंपनी को नए बाजारों में विस्तार और तेजी से वृद्धि करने में मदद मिली। 2017 में दूसरा निर्माण संयंत्र शुरू होने से उत्पादन क्षमता दो लाख लीटर प्रति दिन तक बढ़ गई।

वर्ष 2024 में Kedaara Capital ने 1,200 करोड़ रुपये का प्रमुख निवेश किया, जो भारत के आइसक्रीम क्षेत्र के सबसे बड़े लेनदेन में से एक था। इस निवेश से शुरुआती निवेशकों को पूरी तरह से निकासी का अवसर मिला और Dairy Day को अगले चार वर्षों में भारत के शीर्ष तीन आइसक्रीम ब्रांडों में शामिल होने की राह पर मजबूती से खड़ा किया।

कंपनी की शुरुआत केवल 100 रिटेलर्स के वितरण नेटवर्क के साथ हुई थी। आज Dairy Day 500 से अधिक वितरकों के माध्यम से 80,000 से अधिक रिटेल आउटलेट्स तक पहुंच रही है। कर्नाटक और तमिलनाडु में राजस्व का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आता है, जबकि नए राज्यों में तेजी से वृद्धि हो रही है।

कंपनी की विस्तार रणनीति “गहराई से विस्तार, फिर चौड़ाई” के सिद्धांत पर आधारित है। क्विक कॉमर्स अब कुल राजस्व का लगभग 6–7% योगदान करता है, और ब्रांड Zepto, Blinkit, Instamart, Flipkart और BigBasket जैसे प्लेटफॉर्म पर मौजूद है।

भविष्य में Dairy Day किसी फ्रैंचाइज़ी आधारित विशेष आउटलेट मॉडल का अनुसरण नहीं करेगी। कंपनी की उम्मीद है कि FY26 तक 25% से अधिक CAGR के साथ राजस्व लगभग ₹1,000 करोड़ तक पहुंच जाएगा। Dairy Day अगले चार वर्षों में भारत के शीर्ष तीन आइसक्रीम ब्रांड्स में शामिल होने की राह पर पूरी तरह आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है।

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