फिनटेक कंपनी ड्रिप कैपिटल (Drip Capital) ने निर्यात से जुड़े सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए ट्रेड फाइनेंस की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह एमओयू 22 जनवरी 2026 को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक, दावोस के दौरान साइन किया गया।
इस समझौते के तहत ड्रिप कैपिटल ने 2026 से 2031 के बीच महाराष्ट्र आधारित MSME निर्यातकों को 10,000 करोड़ रुपये का कोलेटरल-फ्री ट्रेड फाइनेंस उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है। इस पहल का उद्देश्य निर्यातकों की वर्किंग कैपिटल तक पहुंच को आसान बनाना, उन्हें अंतरराष्ट्रीय व्यापार विस्तार में सक्षम करना और वैश्विक सप्लाई चेन में बेहतर तरीके से एकीकृत करना है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत का एमएसएमई सेक्टर अब भी गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के मुताबिक, इस सेक्टर में करीब ₹30 लाख करोड़ का क्रेडिट गैप है। फंडिंग की यह कमी छोटे व्यवसायों की विस्तार क्षमता, कैश फ्लो प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा को सीमित करती है।
उद्योग अनुमानों के अनुसार, यदि इस क्रेडिट गैप को कम किया जाए तो हर साल 9–10 लाख करोड़ के अतिरिक्त निर्यात मूल्य को अनलॉक किया जा सकता है। हालांकि, कोलेटरल की कमी और सीमित क्रेडिट हिस्ट्री के कारण समय पर और किफायती फाइनेंस अब भी कई निर्यातकों के लिए चुनौती बना हुआ है।
ड्रिप कैपिटल के संस्थापक और सीईओ पुष्कर मुखर ने कहा, “महाराष्ट्र सरकार के साथ हमारा सहयोग एमएसएमई सेक्टर में वित्तीय समावेशन और मजबूती को बढ़ावा देगा। हमारा लक्ष्य स्थानीय व्यवसायों को समय पर, कोलेटरल-फ्री फाइनेंस और टेक्नोलॉजी समाधान उपलब्ध कराकर आर्थिक विकास और वैश्विक विस्तार को सक्षम बनाना है।”
वर्ष 2016 में पुष्कर मुखर और नील कोठारी द्वारा स्थापित ड्रिप कैपिटल एक कैलिफोर्निया-आधारित फिनटेक कंपनी है, जिसकी भारत में प्रमुख उपस्थिति मुंबई में है। कंपनी पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए छोटे और मध्यम व्यवसायों को क्रॉस-बॉर्डर और डोमेस्टिक ट्रेड फाइनेंस प्रदान करती है। ऑटोमेटेड और डेटा-ड्रिवन रिस्क असेसमेंट के ज़रिये निर्यातकों को हफ्तों की बजाय कुछ ही दिनों में फंड उपलब्ध कराए जाते हैं।
अब तक ड्रिप कैपिटल वैश्विक स्तर पर 8 अरब डॉलर से अधिक के क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड और भारत में 66,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के ट्रेड फाइनेंसिंग ट्रांजैक्शंस को सपोर्ट कर चुकी है। कंपनी ने 60 देशों में 11,000 से अधिक व्यवसायों को सहायता प्रदान की है।
महाराष्ट्र सरकार के साथ यह साझेदारी एमएसएमई सप्लाई चेन के विस्तार के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार को बढ़ावा देने की उम्मीद है। साथ ही, निर्यातकों को डेटा-ड्रिवन अंडरराइटिंग और ग्लोबल बायर वेरिफिकेशन जैसी डिजिटल क्षमताओं तक पहुंच मिलेगी, जिससे राज्य के निर्यात इकोसिस्टम को और मजबूती मिलेगी।