केंद्रीय बजट 2026: एमएसएमई को मिला 10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड

केंद्रीय बजट 2026: एमएसएमई को मिला 10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड

केंद्रीय बजट 2026: एमएसएमई को मिला 10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड
केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड और आत्मनिर्भर भारत कोष में 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का ऐलान किया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करते हुए एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के लिए कई बड़े ऐलान किए। बजट 2026 में महिलाओं, किसानों और रोजगार के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्योगों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड और आत्मनिर्भर भारत कोष में 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया है।

सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026–27 पेश करते हुए कहा कि सरकार तीन प्रमुख कर्तव्यों से प्रेरित है, जिनमें आर्थिक विकास को गति देना और उसे बनाए रखना सबसे अहम है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाते हुए अस्थिर वैश्विक हालात के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। इसी दिशा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को विकास का महत्वपूर्ण इंजन बताते हुए उनके लिए तीन सूत्रीय रणनीति पेश की गई है।

एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये का इक्विटी सपोर्ट

एमएसएमई के विकास के लिए पहले कदम के तौर पर वित्त मंत्री ने 10,000 करोड़ रुपये के एक समर्पित इक्विटी फंड का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य चुनिंदा मानकों के आधार पर भविष्य के उत्कृष्ट और प्रतिस्पर्धी उद्यमों को तैयार करना है। इसके साथ ही वर्ष 2021 में स्थापित आत्मनिर्भर भारत कोष में 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि देने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे सूक्ष्म उद्यमों को सहायता और जोखिम पूंजी तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की वित्तीय उपलब्धता

वित्त मंत्री ने बताया कि एमएसएमई के लिए 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की वित्तीय व्यवस्था की गई है। इस क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए चार अहम उपाय प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा एमएसएमई से की जाने वाली सभी खरीद के लिए ट्रेड्स प्लेटफॉर्म को लेन-देन निपटान माध्यम बनाना, ट्रेड्स पर बीजक छूट के लिए सीजीटीएमएसई के माध्यम से ऋण गारंटी सहायता तंत्र शुरू करना, सरकारी खरीद की जानकारी फाइनेंसर्स तक पहुंचाने के लिए जीईएम को ट्रेड्स से जोड़ना और ट्रेड्स प्राप्तियों को आस्ति-समर्थित प्रतिभूतियों के रूप में प्रस्तुत करना शामिल है। इन कदमों का उद्देश्य नकदी प्रवाह बेहतर करना और द्वितीयक बाजार का विकास करना है।

टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान

व्यवसायगत सहायता को मजबूत करने के लिए सरकार टियर-2 और टियर-3 शहरों में ‘कॉर्पोरेट मित्रों’ का एक समूह विकसित करेगी। इसके लिए आईसीएआई, आईसीएसआई और आईसीएमएआई जैसे पेशेवर संस्थानों की मदद से अल्पकालिक मॉड्यूलर पाठ्यक्रम और व्यावहारिक टूल्स डिजाइन किए जाएंगे। ये प्रमाणित अर्ध-पेशेवर एमएसएमई को कम लागत पर अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता करेंगे।

कुल मिलाकर, बजट 2026–27 में एमएसएमई को केंद्र में रखकर आर्थिक विकास को गति देने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है। सरकार का यह कदम न केवल उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि देश को मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे ले जाएगा।

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