भारत की इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन निर्माता EKA Mobility ने ज़ांज़ीबार में अपनी पहली इलेक्ट्रिक बस फ्लीट को रवाना कर अफ्रीकी बाजार में आधिकारिक प्रवेश किया है। ज़ांज़ीबार के राष्ट्रपति डॉ. हुसैन अली म्विनी ने 15 इलेक्ट्रिक बसों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई। इन बसों का व्यावसायिक संचालन 1 अगस्त से शुरू होगा।
यह पहल ज़ांज़ीबार में सार्वजनिक परिवहन को शून्य-उत्सर्जन (Zero-Emission) प्रणाली की ओर ले जाने के व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा है। कंपनी के अनुसार, फिलहाल 35 इलेक्ट्रिक बसों का ऑर्डर मिल चुका है और 2026 के अंत तक इस संख्या को बढ़ाकर 150 बसों तक पहुंचाने की योजना है। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और तकनीकी कौशल विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
परियोजना के तहत ईका मोबिलिटी (EKA Mobility) ने Global Rapid Transport (GRT) के साथ साझेदारी की है, जिसके माध्यम से स्थानीय कर्मचारियों को वाहन संचालन, रखरखाव, सॉफ्टवेयर सिस्टम और सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, Zanzibar Social Security Fund (ZSSF) और GRT मिलकर इस कार्यक्रम के लिए क्षमता निर्माण और परिचालन तैयारियों में सहयोग कर रहे हैं।
फ्लैग-ऑफ समारोह में ज़ांज़ीबार सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, तंजानिया में भारत के उच्चायुक्त बिश्वजीत डे, ZSSF और GRT के प्रतिनिधियों के साथ EKA Mobility के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कंपनी द्वारा तैनात की गई 12-मीटर इलेक्ट्रिक बसें ईका मोबिलिटी (EKA Mobility) के स्वदेशी इलेक्ट्रिक वाहन प्लेटफॉर्म पर आधारित हैं और इन्हें शहरी सार्वजनिक परिवहन के लिए विकसित किया गया है। कंपनी का कहना है कि यह परियोजना उसकी वैश्विक विस्तार रणनीति का हिस्सा है, जिसमें अफ्रीका को प्रमुख निर्यात बाजार के रूप में देखा जा रहा है।
ईका मोबिलिटी (EKA Mobility) के प्रेसिडेंट – एक्सपोर्ट मार्केटिंग एवं SCM, विजय येलने ने कहा, "ज़ांज़ीबार में पहली इलेक्ट्रिक बस फ्लीट की शुरुआत यह साबित करती है कि भारत में डिज़ाइन और निर्मित उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बदलती मोबिलिटी आवश्यकताओं को सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हैं। अफ्रीका हमारी वैश्विक विस्तार रणनीति का एक महत्वपूर्ण विकास बाजार है।"